Edited By Anu Malhotra,Updated: 31 Mar, 2026 08:40 AM

Gold/ Silver New Rules: 1 अप्रैल से सोने और चांदी के निवेश और इन पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। ये नियम न केवल आपके निवेश की वैल्यू को प्रभावित करेंगे, बल्कि आपकी टैक्स प्लानिंग और लोन लेने की क्षमता पर भी असर डालेंगे।
Gold/ Silver New Rules: 1 अप्रैल से सोने और चांदी के निवेश और इन पर मिलने वाली सुविधाओं को लेकर कुछ बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। ये नियम न केवल आपके निवेश की वैल्यू को प्रभावित करेंगे, बल्कि आपकी टैक्स प्लानिंग और लोन लेने की क्षमता पर भी असर डालेंगे।
विदेशी नहीं, अब 'देसी' भाव से तय होगी कीमत
अब तक गोल्ड और सिल्वर ETF (Exchange Traded Funds) की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मानक (LBMA) के आधार पर तय होती थीं। लेकिन सेबी (SEBI) के नए नियमों के अनुसार, 1 अप्रैल से इनकी वैल्यू भारतीय एक्सचेंजों के 'डोमेस्टिक स्पॉट प्राइस' यानी घरेलू हाजिर भाव पर आधारित होगी। इसका फायदा यह होगा कि निवेशकों को भारत के बाजार की वास्तविक कीमत पता चलेगी और अंतरराष्ट्रीय कीमतों व करेंसी के उतार-चढ़ाव का असर कम होगा।
चांदी के बदले मिलेगा बैंक लोन
अभी तक आमतौर पर लोग सोने के गहने गिरवी रखकर ही बैंकों से आसानी से लोन ले पाते थे। लेकिन अब नियमों में ढील दी गई है। 1 अप्रैल से सभी बैंक और को-ऑपरेटिव फाइनेंस कंपनियां फिजिकल सिल्वर (चांदी के गहने, सिक्के या बर्तन) के बदले भी गोल्ड लोन की तरह ही कर्ज दे सकेंगी। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जिनके पास चांदी के रूप में बचत मौजूद है।
SGB (सोवरेन गोल्ड बॉन्ड) पर टैक्स का नया पेंच
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में निवेश करने वालों के लिए एक जरूरी अपडेट है। अगर आप 1 अप्रैल के बाद सेकेंडरी मार्केट (शेयर बाजार) से किसी दूसरे व्यक्ति से SGB खरीदते हैं, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाले मुनाफे पर आपको टैक्स में छूट नहीं मिलेगी। यह छूट अब केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने सीधे सरकार (RBI) से बॉन्ड खरीदे हैं और उन्हें मैच्योरिटी तक अपने पास रखा है।