प्रियंका गांधी ने सरकार को ललकारा, कहा- सोमवार को लाएं पुराना महिला आरक्षण बिल, अपने- आप होगा दूध का दूध और पानी का पानी

Edited By Updated: 18 Apr, 2026 11:30 AM

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लोकसभा में 'परिसीमन और महिला आरक्षण' से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद देश में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की भाजपा सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण...

नेशनल डेस्क: लोकसभा में 'परिसीमन और महिला आरक्षण' से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद देश में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र की भाजपा सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो उसे बिना किसी शर्त वाला 'पुराना बिल' तुरंत वापस लाना चाहिए।

देखते हैं कौन महिला विरोधी है: प्रियंका

विशेष सत्र के आखिरी दिन मीडिया से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, "सरकार को वह पुराना महिला आरक्षण बिल लाना चाहिए जिस पर पहले से ही सभी दलों की सहमति थी। सोमवार को संसद बुलाइए, बिल पेश कीजिए और फिर देखते हैं कि कौन महिला विरोधी है। हम सभी (विपक्ष) आपका समर्थन करेंगे और वोट देंगे।"

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क्यों गिरा सरकार का बिल?

शुक्रवार को सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' पर मतदान हुआ, लेकिन यह दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा।

  • पक्ष में वोट: 298

  • विरोध में वोट: 230

  • जरूरत थी: 352 वोटों की (विधेयक पास करने के लिए)

सदन में बिल गिरने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने घोषणा की कि सरकार अब इससे जुड़े अन्य दो विधेयकों पर भी आगे नहीं बढ़ेगी।

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विपक्ष और सरकार के बीच तकरार की वजह

भाजपा ने विपक्ष पर ऐतिहासिक सुधारों को रोकने का आरोप लगाया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और टीएमसी जैसी पार्टियों ने महिलाओं के हक में बाधा डाली है। वहीं, विपक्ष (INDIA गठबंधन) का कहना है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसे 'परिसीमन' (Delimitation) और 'जनगणना' से जोड़ने के खिलाफ हैं। विपक्ष का तर्क है कि आरक्षण को इन शर्तों के साथ लागू करना इसे अगले कई सालों तक टालने की एक चाल है। राहुल गांधी ने इसे देश के चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश करार दिया है।

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