गैस सप्लाई को लेकर सरकार ने लिया बड़ा फैसला… अब हर घर तक पहुंचेगी पाइप्ड नैचुरल गैस! नए नियम लागू

Edited By Updated: 25 Mar, 2026 02:58 AM

government takes decision amidst lpg crisis

​​​​​​​सरकार ने पाइप नेटवर्क से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए इस क्षेत्र में अवसंरचना कंपनियों के लिए काम की आसानी के लिए नये नियम अधिसूचित किये हैं। पश्चिम एशिया से गैस की आपूर्ति में आ रही अड़चनों के बीच ये नये...

नेशनल डेस्कः सरकार ने पाइप नेटवर्क से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए इस क्षेत्र में अवसंरचना कंपनियों के लिए काम की आसानी के लिए नये नियम अधिसूचित किये हैं। पश्चिम एशिया से गैस की आपूर्ति में आ रही अड़चनों के बीच ये नये नियम भारत के राजपत्र में अधिसूचित किये जा चुके हैं और तत्काल प्रभावी बना दिया गया है। 

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार सरकार ने पाइप्ड गैस के बुनियादी ढांचे के विस्तार में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के ज़रिए, आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत‘प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण (पाइपलाइन और अन्य सुविधाओं को बिछाने, बनाने, चलाने और विस्तार करने के माध्यम से) आदेश, 2026'अधिसूचित किया है। 

यह आदेश पूरे देश में पाइपलाइन बिछाने और उनका विस्तार करने के लिए एक सुव्यवस्थित और समय-सीमा वाला ढांचा प्रदान करता है। यह मंज़ूरी मिलने में होने वाली देरी और ज़मीन तक पहुंच से जुड़ी समस्याओं का समाधान करता है, और प्राकृतिक गैस के बुनियादी ढांचे के तेज़ी से विकास को संभव बनाता है - जिसमें आवासीय क्षेत्र भी शामिल हैं। नये नियमों का उद्येश्य यह कुशल गैस वितरण, बुनियादी ढांचे के तेज़ी से विस्तार और स्वच्छ ऊर्जा तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक, पारदर्शी और निवेशकों के अनुकूल ढांचा स्थापित करना है। 

मंत्रालय ने कहा है कि इस आदेश का उद्देश्य पाइप वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार को सुगम बनाना, अंतिम-छोर तक कनेक्टिविटी में सुधार करना और खाना पकाने, परिवहन तथा औद्योगिक उद्देश्यों के लिए स्वच्छ ईंधनों की ओर बदलाव को बढ़ावा देना है। इस प्रकार, यह ऊर्जा सुरक्षा को मज़बूत करता है और भारत के गैस-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में सहायता करता है। मंत्रालय ने कहा है कि देश में बढ़ती ऊर्जा मांग और लगातार बदलते वैश्विक ऊर्जा परिद्दश्य को देखते हुए, एक मज़बूत, विविध और कुशल ऊर्जा प्रणाली की आवश्यकता है। 

यह आदेश बुनियादी ढांचे के विकास, विनियामक अनिश्चितता और मंज़ूरी मिलने में होने वाली देरी जैसी लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करने के लिए है, और साथ ही इसमें प्राकृतिक गैस को एक प्रमुख‘संक्रमणकालीन ईंधन'के रूप में मान्यता दी गयी है। अपने मूल रूप में, यह सुधार‘व्यापार करने में आसानी'को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रक्रियाओं को सरल बनाकर, विनियामक बाधाओं को कम करके और सभी हितधारकों के लिए एक पूर्वानुमानित तथा पारदर्शी परिचालन वातावरण बनाकर इस लक्ष्य को प्राप्त करता है।

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