भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: 24 कोचों के साथ दौड़ेगी ‘महा-वंदे भारत’ अब नहीं होगी 'वेटिंग' की टेंशन

Edited By Updated: 29 Jan, 2026 03:05 PM

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रेल यात्रा का अनुभव बदलने वाली देश की पहली सेमी हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन वंदे भारत स्लीपर इन दिनों यात्रियों के बीच जबरदस्त चर्चा में है। गुवाहाटी से हावड़ा के बीच चल रही यह ट्रेन लॉन्च होते ही लोगों की पसंद बन गई। हालात ऐसे रहे कि जैसे ही पहले दिन...

नई दिल्ली:  रेल यात्रा का अनुभव बदलने वाली देश की पहली सेमी हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन वंदे भारत स्लीपर इन दिनों यात्रियों के बीच जबरदस्त चर्चा में है। गुवाहाटी से हावड़ा के बीच चल रही यह ट्रेन लॉन्च होते ही लोगों की पसंद बन गई। हालात ऐसे रहे कि जैसे ही पहले दिन टिकट बुकिंग शुरू हुई, कुछ ही घंटों में सभी सीटें फुल हो गईं।

यात्रियों की इस जबरदस्त प्रतिक्रिया और लगातार बढ़ती डिमांड को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने फैसला किया है कि इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सके और वेटिंग की समस्या कम हो।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं, बेहतर स्पीड और आरामदायक स्लीपर कोच की वजह से यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। इसी लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए कोच बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे इसकी यात्री क्षमता में इजाफा होगा।

अब नहीं होगी 'वेटिंग' की टेंशन: क्षमता में 50% का इजाफा

वर्तमान में पटरी पर दौड़ रही स्लीपर वंदे भारत 16 कोच वाली है, लेकिन रेलवे अब इसका 24 कोच वाला अवतार उतारने जा रहा है। कोचों की संख्या बढ़ने से सीटों का गणित पूरी तरह बदल जाएगा:

  • मौजूदा क्षमता: 16 कोच में कुल 823 बर्थ (सीटें)।

  • नई क्षमता: 24 कोच के साथ यात्रियों को मिलेंगी 1,224 बर्थ

  • बदलाव: सीटों की संख्या में सीधे तौर पर एक-तिहाई से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी, जिससे कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।

चेन्नई की फैक्ट्री में तैयार होगा नया 'प्रोटोटाइप'

'मेक इन इंडिया' के तहत इस 24 कोच वाली ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया जाएगा। रेलवे के मास्टर प्लान के मुताबिक:

  • डिजाइन: इसका नया ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसका पहला नमूना (प्रोटोटाइप) 2026 के अंत तक पटरी पर आने की उम्मीद है।

  • कोच का तालमेल: इसमें 15 की जगह 17 AC-3 टायर कोच, 5 एसी-2 टायर, 1 फर्स्ट क्लास एसी और एक आधुनिक पैंट्री कार शामिल होगी।

क्या है इस 'सुपर स्लीपर' की खूबियां?

यह ट्रेन सिर्फ लंबी ही नहीं होगी, बल्कि आधुनिक तकनीक और विलासिता का बेजोड़ मेल होगी:

  1. रफ्तार: 160 किमी/घंटा की टॉप स्पीड के साथ सफर का समय कम होगा।

  2. हाई-टेक सुविधाएं: रीडिंग लाइट्स, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स, और वैक्यूम टॉयलेट्स।

  3. मनोरंजन और कनेक्टिविटी: सफर के दौरान यात्रियों के लिए वाई-फाई और इन्फोटेनमेंट सिस्टम की सुविधा।

  4. विशेष ध्यान: दिव्यांग यात्रियों के लिए खास रैंप और समर्पित टॉयलेट्स।

  5. स्मार्ट इंजन: एडवांस्ड कंट्रोल सिस्टम और रिजनरेटिव ब्रेकिंग, जो बिजली की भारी बचत करेगी।

वंदे भारत सीरीज की सबसे लंबी ट्रेन

अभी तक देश में 8, 16 और कुछ रूट्स पर 20 कोच वाली वंदे भारत चल रही हैं, लेकिन 24 कोच वाली यह पहली ट्रेन होगी। रेलवे का यह कदम न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि स्लीपर श्रेणी में यात्रा के अनुभव को एक प्रीमियम स्तर पर ले जाएगा।

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