Edited By Sahil Kumar,Updated: 26 Jan, 2026 07:59 PM

उत्तर भारत में जनवरी के आखिरी हफ्ते में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा सहित 11 राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और...
नेशनल डेस्कः देश के उत्तरी हिस्सों में इस हफ्ते मौसम का मिजाज कड़ाके की ठंड और बारिश के नाम रहने वाला है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 27 और 28 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के चलते इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। 31 जनवरी और 1 फरवरी की शुरुआत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग (IMD) ने 11 राज्यों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। IMD ने 1 फरवरी तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
बारिश और तेज हवाओं का दौर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 27 और 28 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के चलते इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं। इसके साथ ही 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जो तापमान को तेजी से गिराने के साथ-साथ लोगों के लिए ठंड बढ़ा देंगी। खुले में काम करने वाले लोग और किसान इस समय विशेष सतर्क रहें।
पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी
कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर लगातार जारी रहेगा। पहाड़ी इलाकों की बर्फबारी का असर मैदानी राज्यों पर भी पड़ेगा। जैसे ही बारिश रुकती है, बर्फीली हवाएं मैदानी इलाकों में चलेंगी, जिससे न्यूनतम तापमान में और गिरावट आएगी।
कोहरा की संभावना
उत्तर प्रदेश, बिहार और पंजाब के तराई क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। कोहरे के कारण सड़क और रेल मार्गों पर दृश्यता कम हो सकती है। वाहन चालक विशेष सावधानी बरतें, हेडलाइट का उपयोग करें और गति सीमा का पालन करें।
तापमान में गिरावट और ठंड की लहर
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ 28 जनवरी के बाद कमजोर होगा, लेकिन असली ठंड तब शुरू होगी। साफ आसमान और उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने से रात का तापमान 3-4 डिग्री और कम हो सकता है। जनवरी के अंतिम दिन और फरवरी के पहले सप्ताह में कड़ाके की सर्दी बनी रहने की संभावना है।
स्वास्थ्य और कृषि पर असर
मौसम में बदलाव के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठंडी हवाओं और बारिश से सर्दी-जुकाम और सांस संबंधी समस्याओं में वृद्धि हो सकती है। किसानों को अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम पूर्वानुमान के अनुसार सिंचाई करने की सलाह दी गई है।