Edited By Mansa Devi,Updated: 03 Jan, 2026 11:22 AM

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दुखद घटना सामने आई है। चकेरी कैंट क्षेत्र के मैकूपुरवा निवासी 45 वर्षीय बाबूराम निषाद ने शुक्रवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक दुखद घटना सामने आई है। चकेरी कैंट क्षेत्र के मैकूपुरवा निवासी 45 वर्षीय बाबूराम निषाद ने शुक्रवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लगातार बढ़ते कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते बाबूराम मानसिक तनाव में थे।
घटना की जानकारी
बाबूराम शुक्रवार को अपने काम पर नहीं पहुंचे। उनके कार्यस्थल से परिवार को सूचना मिली और भतीजा रवि निषाद सहित अन्य परिजन घर पहुंचे। घर का दरवाजा अंदर से खुला मिला। जब परिजन घर में गए तो नीचे कमरे में पंखे से साड़ी के सहारे बाबूराम का शव लटका हुआ पाया गया। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई और चकेरी कैंट थाने की टीम मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी अरविंद राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला कर्ज और आर्थिक तनाव से प्रेरित आत्महत्या का प्रतीत होता है।
पत्नी के उधार ने बढ़ाया तनाव
पड़ोसियों और परिजनों के अनुसार, बाबूराम टाइल्स लगाने का काम करते थे और मेहनत-मजदूरी से परिवार का खर्च चलाते थे। उनकी पत्नी अनीता पिछले करीब तीन साल से अपने मायके में रह रही थीं। दंपति की कोई संतान नहीं थी। भतीजे रवि निषाद ने बताया कि अनीता ने कई संस्थाओं और मोहल्ले के लोगों से लाखों रुपये का कर्ज ले रखा था। पत्नी के अलग रहने और कर्ज की मांग लगातार बढ़ने के कारण पूरा बोझ बाबूराम पर आ गया।
लगातार बढ़ता दबाव
भतीजे ने बताया कि बाबूराम अपनी कमाई से कर्ज चुकाने की पूरी कोशिश कर रहे थे, लेकिन लगातार दबाव और तगादों के कारण वह टूट चुके थे। उनकी जेब तक खाली हो गई थी और मानसिक तनाव चरम पर था। यही वजह थी कि उन्होंने यह दर्दनाक कदम उठाया।
जांच जारी
पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर कर्ज और पारिवारिक तनाव के गंभीर सामाजिक प्रभाव को सामने लाती है। कुल मिलाकर, कानपुर की यह घटना कर्ज के बढ़ते बोझ और परिवारिक तनाव के चलते मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव की ओर ध्यान आकर्षित करती है।