Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Mar, 2026 03:51 PM

झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट थाना क्षेत्र के दौना गांव में 17 मार्च (मंगलवार) को एक बेहद अमानवीय कृत्य सामने आया है। ग्रामीणों के एक समूह ने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर 'जादू-टोना' करने का आरोप लगाते हुए उसे बेरहमी से पीटा और कथित तौर पर जबरन पेशाब...
Jharkhand Latehar Witchcraft Abuse Case : झारखंड के लातेहार जिले के नेतरहाट थाना क्षेत्र के दौना गांव में 17 मार्च (मंगलवार) को एक बेहद अमानवीय कृत्य सामने आया है। ग्रामीणों के एक समूह ने एक बुजुर्ग व्यक्ति पर 'जादू-टोना' करने का आरोप लगाते हुए उसे बेरहमी से पीटा और कथित तौर पर जबरन पेशाब पीने पर मजबूर किया।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित के बेटे बृजेश मुंडा के अनुसार यह विवाद हाल ही में गांव में हुई एक सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ। उस दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई थी जिसका दोष ग्रामीणों ने बुजुर्ग के काले जादू पर मढ़ दिया।
पंचायत और हमला: 15 ग्रामीणों के एक समूह ने बैठक बुलाई और बुजुर्ग को 'जादू-टोना' करने वाला घोषित कर दिया।
दंपत्ति के साथ बदसलूकी: आरोपी ग्रामीणों ने बुजुर्ग को अपमानित किया और उसकी पत्नी के साथ भी ऐसा ही करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कड़ा विरोध किया।
मदद करने वाली को भी नहीं बख्शा: गांव की एक स्वास्थ्यकर्मी हीना देवी ने जब इस दरिंदगी का विरोध किया तो भीड़ ने उन्हें भी पीटा और वहां से भगा दिया।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के अगले दिन (18 मार्च) जब वे न्याय के लिए नेतरहाट थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हें वापस भेज दिया।दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक (SP) कुमार गौरव का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है और एक टीम गांव भेजकर पूछताछ की गई है। फिलहाल घटना की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है और न ही कोई औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज हुई है। शिकायत मिलते ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंधविश्वास की जड़ें गहरी
झारखंड के ग्रामीण इलाकों में आज भी डायन बिसाही और जादू-टोना जैसी कुरीतियां मासूमों और बुजुर्गों की जान की दुश्मन बनी हुई हैं। कानून होने के बावजूद जागरूकता की कमी के कारण अक्सर लोग भीड़ तंत्र का शिकार हो जाते हैं।