Edited By Pardeep,Updated: 01 Feb, 2026 11:09 PM

केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी 2026) को पेश किए गए आम बजट में देश के रक्षा बजट में रिकॉर्ड 15 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
नेशनल डेस्कः केंद्र सरकार के बजट 2026-27 में रक्षा क्षेत्र को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी 2026) को पेश किए गए आम बजट में देश के रक्षा बजट में रिकॉर्ड 15 फीसदी की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
इसके तहत भारत का कुल रक्षा बजट 7.85 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा रक्षा आवंटन माना जा रहा है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये कैपिटल बजट (नए हथियार, विमान, युद्धपोत, मिसाइल, ड्रोन, तकनीक आदि) के लिए रखे गए हैं, जिसमें पिछले साल की तुलना में 22 फीसदी की भारी बढ़ोतरी की गई है। इसका मकसद भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना को और ज्यादा आधुनिक, ताकतवर और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान का रक्षा बजट कितना?
पिछले साल कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इसके तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन के दौरान न सिर्फ आतंकी कैंप तबाह हुए, बल्कि आतंकियों की मदद कर रही पाकिस्तानी सेना को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा। कई सैन्य पोस्ट, बंकर और ठिकाने नष्ट किए गए थे, जिससे पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सेना को बड़ा झटका लगा था। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने दबाव में आकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपना रक्षा बजट बढ़ाकर 2.55 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये (2,550 अरब रुपये) कर दिया। भारतीय मुद्रा में यह करीब 72,850 करोड़ रुपये बैठता है।
भारत का बजट पाकिस्तान से 10 गुना ज्यादा
अगर दोनों देशों के रक्षा बजट की तुलना करें तो तस्वीर बिल्कुल साफ हो जाती है:
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भारत का रक्षा बजट: 7,84,678 करोड़ रुपये
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पाकिस्तान का रक्षा बजट: लगभग 72,850 करोड़ रुपये
यानी भारत का रक्षा बजट पाकिस्तान से 10 गुना से भी ज्यादा है।
भारत के बजट का बंटवारा इस तरह है:
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कैपिटल बजट (नए हथियार और तकनीक): 2,19,306 करोड़ रुपये
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राजस्व व्यय (सैलरी, ऑपरेशनल खर्च आदि): 5,53,668 करोड़ रुपये
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इसमें से पेंशन के लिए: 1,71,338 करोड़ रुपये
खास तौर पर:
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विमान और एयरो इंजन के लिए: 63,733 करोड़ रुपये
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नौसेना के युद्धपोत और बेड़े के लिए: 25,023 करोड़ रुपये
इसका सीधा मतलब है कि भारत अपनी सैन्य ताकत को लगातार मजबूत कर रहा है, जबकि पाकिस्तान आर्थिक संकट में फंसा हुआ है।
आर्थिक संकट में पाकिस्तान — दुनिया से भीख मांग रही सरकार
इस समय पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। महंगाई चरम पर है, जनता परेशान है और सरकार के पास पैसा नहीं है। देश चलाने के लिए पाकिस्तान को आईएमएफ (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) से लगातार कर्ज लेना पड़ रहा है। पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद माना है कि उन्होंने और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने कई देशों से कर्ज और आर्थिक मदद के लिए हाथ फैलाए हैं। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जल्दबाजी में अपना रक्षा बजट बढ़ा दिया, लेकिन सैन्य और आर्थिक ताकत के मामले में वह अब भी भारत के सामने बहुत कमजोर दिखाई देता है।