Edited By Radhika,Updated: 05 Feb, 2026 02:25 PM

देश में सोने के दामों में आए दिन उतार- चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। वहीं अगर पूरी दुनिया की बात करें तो कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां काफी कम कीमतों पर उपलब्ध है। वहीं अगर भारत की बात करें तो बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में सोने का एक बड़ा भंडार है। आम...
नेशनल डेस्क: देश में सोने के दामों में आए दिन उतार- चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं। वहीं अगर पूरी दुनिया की बात करें तो कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां काफी कम कीमतों पर उपलब्ध है। वहीं अगर भारत की बात करें तो बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत में सोने का एक बड़ा भंडार है। आम धारणा के उलट, भारत सिर्फ विदेशों से सोना आयात नहीं करता, बल्कि अपनी खदानों से इसका उत्पादन भी करता है। आइए जानते हैं कि भारत के किस कोने में सबसे ज्यादा सोना निकलता है और इसे जमीन की गहराईयों से बाहर निकालने की प्रक्रिया क्या है।
कर्नाटक: भारत का 'गोल्ड हब'
जब बात सक्रिय रूप से सोने के उत्पादन की आती है, तो कर्नाटक देश का नंबर-1 राज्य है। भारत के कुल प्राथमिक स्वर्ण उत्पादन का लगभग 99% हिस्सा अकेले कर्नाटक से आता है।
- हुट्टी गोल्ड माइन्स: रायचूर जिले में स्थित यह खदान देश की सबसे पुरानी और वर्तमान में सबसे सक्रिय स्वर्ण खदान है।
- कोलार गोल्ड फील्ड्स (KGF): एक समय में यह कर्नाटक की शान हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में यहाँ व्यावसायिक उत्पादन बंद है।
बिहार के जमुई में 'सोने का खजाना'
उत्पादन में भले ही कर्नाटक आगे हो, लेकिन भविष्य की संभावनाओं के मामले में बिहार ने सबको चौंका दिया है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के मुताबिक, बिहार के जमुई जिले में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार मौजूद है। आंकड़ों के अनुसार, यहाँ की चट्टानों में हजारों टन सोना छिपे होने का अनुमान है। फिलहाल यहाँ खनन की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता पर काम चल रहा है।
कैसे निकाला जाता है चट्टानों से सोना?
भारत में सोना नदियों की रेत में नहीं, बल्कि कठोर चट्टानों के भीतर 'अयस्क' (Ore) के रूप में पाया जाता है। इसे बाहर निकालने की प्रक्रिया काफी जटिल और महंगी होती है:
- सर्वेक्षण और ड्रिलिंग: सबसे पहले सैटेलाइट डेटा और जमीनी नमूनों के जरिए सोने की मौजूदगी का पता लगाया जाता है।
- सुरंग और ब्लास्टिंग: भारत में ज्यादातर खदानें भूमिगत (Underground) होती हैं। भारी मशीनों और नियंत्रित विस्फोटों से चट्टानों को तोड़कर रास्ता बनाया जाता है।
- पिसाई (Crushing): सोने वाले पत्थरों को सतह पर लाकर विशाल मशीनों में पीसकर बारीक पाउडर बना दिया जाता है।
- रासायनिक प्रक्रिया (Cyanidation): इस बारीक पाउडर से सोना अलग करने के लिए सायनाइड जैसी रासायनिक प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है।
- रिफाइनिंग: अंत में, अलग किए गए सोने को रिफाइनरी में भेजकर 99.9% शुद्ध (24 कैरेट) बिस्कुट या सिक्कों में ढाला जाता है।