Edited By Pardeep,Updated: 02 Feb, 2026 06:14 AM

सोमवार सुबह करीब 5:35 बजे कश्मीर घाटी में मध्यम तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके भारत के साथ-साथ पाकिस्तान के कुछ इलाकों में भी महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र हनजीवेरा बाला के पास था, जो श्रीनगर से लगभग 23...
नेशनल डेस्कः सोमवार सुबह करीब 5:35 बजे कश्मीर घाटी में मध्यम तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके भारत के साथ-साथ पाकिस्तान के कुछ इलाकों में भी महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र हनजीवेरा बाला के पास था, जो श्रीनगर से लगभग 23 किलोमीटर दूर स्थित है।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.6 आंकी गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इसका केंद्र अपेक्षाकृत कम गहराई पर (शैलो डेप्थ) था, इसलिए सतह पर झटके ज्यादा महसूस हुए। आमतौर पर कम गहराई वाले भूकंपों में कंपन अधिक तीव्र लगते हैं, भले ही उनकी तीव्रता बहुत ज्यादा न हो।
लोग घबराकर घरों से बाहर निकले
सुबह-सुबह आए इस भूकंप से कई लोग नींद से जाग गए और डर के कारण अपने घरों से बाहर निकल आए। श्रीनगर और आसपास के इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक जमीन के हिलने का अनुभव किया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस होने की जानकारी साझा की।
फिलहाल बड़े नुकसान की खबर नहीं
अभी तक सरकारी एजेंसियों की ओर से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित इलाकों से जानकारी जुटाई जा रही है। शुरुआती रिपोर्टों में भी किसी गंभीर नुकसान या हताहत की खबर नहीं मिली है।
कश्मीर क्यों आता रहता है भूकंप?
कश्मीर और आसपास का इलाका भूकंप के लिहाज से संवेदनशील (Seismic Zone) माना जाता है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास स्थित है, जहां लगातार भूगर्भीय हलचल होती रहती है। इसी वजह से यहां समय-समय पर छोटे-बड़े भूकंप आते रहते हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि हिमालयी क्षेत्र में प्लेटों के टकराव के कारण ऊर्जा जमा होती रहती है, जो कभी-कभी भूकंप के रूप में बाहर निकलती है। इसलिए इस इलाके में भूकंप का खतरा बना रहता है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।