देश में लॉन्च हुआ स्वदेशी ऐप ‘Elyments’, 1000 IT प्रफेशनल्स ने किया है डेवलप

Edited By Updated: 05 Jul, 2020 10:57 PM

indigenous app  elyments  launched in the country

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए आह्वान करने का उद्देश्य “संरक्षणवाद या अलगाववाद” को बढ़ावा देना नहीं बल्कि विकास की एक व्यवहारिक रणनीति अपनाना है जिससे देश अपनी निहित क्षमताओं को पहचान कर उनका लाभ उठा...

नई दिल्लीः उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए आह्वान करने का उद्देश्य “संरक्षणवाद या अलगाववाद” को बढ़ावा देना नहीं बल्कि विकास की एक व्यवहारिक रणनीति अपनाना है जिससे देश अपनी निहित क्षमताओं को पहचान कर उनका लाभ उठा सके। मोबाइल ऐप ‘एलिमेंट्स' के डिजिटल लॉन्च के मौके पर नायडू ने कहा कि “आत्म निर्भर भारत” अभियान का उद्देश्य आधारभूत ढांचे, आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, मानव संसाधनों को समृद्ध बनाकर तथा मजबूत आपूर्ति श्रृंखला तैयार कर देश की आर्थिक क्षमताओं को नई ऊर्जा देना है।

नायडू ने कहा, “यह संरक्षणवाद या अलगाववाद का आह्वान नहीं बल्कि एक व्यवहारिक विकास रणनीति अपनाना है जिससे देश अपनी अंतर्निहित क्षमताओं को पहचान सके और उनका लाभ उठा सके।” उन्होंने कहा कि भारत दुनियाभर की प्रमुख कंपनियों में नेतृत्व वाले पदों पर बैठे अपने प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की वजह से दुनिया में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) की महाशक्ति के तौर पर जाना जाता है।

नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को की गई ‘आत्मनिर्भर भारत ऐप इनोवेशन चैलेंज' की घोषणा बेहद उपयुक्त है क्योंकि यह भारतीय आईटी विशेषज्ञों को जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने वाले विभिन्न ऐप तैयार करने के लिये प्रोत्साहित करेगी। उपराष्ट्रपति ने बताया कि एक हजार से ज्यादा आईटी विशेषज्ञों ने मिलकर यह ऐप तैयार किया है। ये आईटी विशेषज्ञ ‘आर्ट ऑफ लीविंग' के स्वयंसेवक भी हैं। ऐप के इस डिजिलट लॉन्च में आर्ट ऑफ लीविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर भी शामिल हुए।

लॉन्च कार्यक्रम के यू-ट्यूब लिंक पर, ऐप विकसित करने वालों ने कहा कि एलिमेंट्स पर “लोग वैश्विक रूप से जुड़ सकते हैं और स्थानीय स्तर पर खरीदारी कर सकते हैं।” उपभोक्ताओं का डेटा भारत में ही रहेगा और उपभोक्ता की सहमति के बिना इसे किसी तीसरे पक्ष से साझा नहीं किया जाएगा। इसमें मुफ्त ऑडियो-वीडियो कॉल के साथ ही निजी चैट की सुविधा भी है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय तकनीकी उद्योगों और पेशेवरों द्वारा इस तरह की पहल वास्तव में सराहनीय है क्योंकि उन्होंने न सिर्फ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की महारत का प्रदर्शन किया है बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।

 

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