Edited By Anu Malhotra,Updated: 15 Jan, 2026 10:52 AM
मिडिल ईस्ट में अचानक बदले हालात का असर गुरुवार को सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर देखने को मिला, जब ईरान ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इस फैसले से ठीक पहले जॉर्जिया के त्बिलिसी से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट ईरानी हवाई...
नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट में अचानक बदले हालात का असर गुरुवार को सीधे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर देखने को मिला, जब ईरान ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इस फैसले से ठीक पहले जॉर्जिया के त्बिलिसी से दिल्ली आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट ईरानी हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली आख़िरी नॉन-ईरानी कमर्शियल फ्लाइट बन गई।
ईरान के इस अचानक कदम ने न सिर्फ यात्रियों को असमंजस में डाला, बल्कि भारत की प्रमुख एयरलाइंस—इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट—को भी अलर्ट मोड में ला दिया। तीनों एयरलाइंस ने इंटरनेशनल रूट्स पर देरी, रीरूटिंग और संभावित कैंसिलेशन की चेतावनी जारी की है।
NOTAM जारी, आसमान हुआ खाली
गुरुवार तड़के ईरान ने ‘नोटिस टू एयरमेन’ (NOTAM) जारी करते हुए अपने एयरस्पेस को लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए बंद कर दिया। सिर्फ कुछ चुनिंदा और पहले से स्वीकृत उड़ानों को ही अनुमति दी गई। फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, आदेश लागू होने से पहले ही ईरान और इराक के ऊपर का हवाई क्षेत्र तेजी से खाली होने लगा था।

रात में ईरान से गुजरी इंडिगो की उड़ान
Flightradar24 के डेटा के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E1808 ने बुधवार सुबह 11:29 बजे त्बिलिसी से उड़ान भरी और गुरुवार सुबह 7:03 बजे दिल्ली में लैंड की। यह विमान रात करीब 2:35 बजे ईरानी एयरस्पेस से गुज़रा—एयरस्पेस बंद होने से कुछ ही समय पहले।
एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी
एयरस्पेस बंद होने के बाद इंडिगो ने कहा कि उसकी कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं और यात्रियों को रीबुकिंग या रिफंड जैसे विकल्प दिए जा रहे हैं। एयर इंडिया ने जानकारी दी कि जिन उड़ानों को वैकल्पिक रास्तों से मोड़ा जा सकता है, उन्हें रीरूट किया जा रहा है, हालांकि इससे देरी हो सकती है। वहीं, कुछ फ्लाइट्स को पूरी तरह रद्द भी किया गया है। स्पाइसजेट ने भी यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।
क्यों बंद हुआ ईरान का एयरस्पेस?
ईरान ने एयरस्पेस बंद रखने की अवधि बढ़ा दी है। देश में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उन पर हुई हिंसक कार्रवाई के चलते हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर के अंत से शुरू हुई अशांति में अब तक दो हफ्तों के भीतर 2,400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
पहले भी उठा चुका है ऐसा कदम
यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने ऐसा किया हो। इससे पहले जून में इज़रायल के साथ 12 दिन तक चले संघर्ष और इज़रायल-हमास युद्ध के दौरान भी ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद किया था। हालांकि इस बार किसी सीधे युद्ध के संकेत नहीं थे, फिर भी इस फैसले ने वैश्विक एविएशन नेटवर्क को तुरंत प्रभावित किया, क्योंकि ईरान पूर्व और पश्चिम को जोड़ने वाला एक अहम एयर रूट माना जाता है।
क्या किसी बड़े हमले की आहट है?
ईरानी एयरस्पेस बंद होने और अमेरिका द्वारा मिडिल ईस्ट स्थित अपने सबसे बड़े सैन्य ठिकाने से सैनिकों को हटाने जैसे कदमों ने अटकलों को हवा दे दी है। कई विश्लेषक इसे संभावित सैन्य कार्रवाई से जोड़कर देख रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरानी शासन को लेकर दी गई सख्त चेतावनियों के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है। हालांकि कुछ सैन्य अधिकारियों का मानना है कि ये कदम रणनीतिक भ्रम पैदा करने के लिए भी उठाए जा सकते हैं।