Edited By Ramanjot,Updated: 16 Feb, 2026 07:02 PM

कर्नाटक की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Karnataka High Court ने बागेपल्ली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक एस.एन. सुब्बा रेड्डी के 2023 के चुनाव को अमान्य करार दे दिया है।
नेशनल डेस्क: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। Karnataka High Court ने बागेपल्ली विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक एस.एन. सुब्बा रेड्डी के 2023 के चुनाव को अमान्य करार दे दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एम.जी.एस. कमल की एकल पीठ ने भाजपा उम्मीदवार सी. मुनिराजु की चुनाव याचिका पर सुनवाई के बाद सुनाया अदालत ने अपने फैसले की प्रति चुनाव आयोग और विधानसभा सचिवालय को भेज दी है, जिससे क्षेत्र में उपचुनाव की संभावना मजबूत हो गई है।
क्या था मामला? समझिए पूरा विवाद
2023 के विधानसभा चुनाव में एस.एन. सुब्बा रेड्डी ने बागेपल्ली सीट से जीत हासिल की थी। हालांकि, उनके प्रतिद्वंद्वी भाजपा नेता सी. मुनिराजु ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई गईं।
याचिका में कहा गया कि संपत्ति का पूरा विवरण नहीं दिया गया,गलत हलफनामा दाखिल किया गया और टैक्स बकाया जैसी अहम जानकारी छुपाई गई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विधायक की दलील खारिज करते हुए चुनाव निरस्त करने का आदेश दिया। हालांकि, मुनिराजु को विजेता घोषित नहीं किया गया है।
कोर्ट में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान विधायक पक्ष ने फैसले पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन याचिकाकर्ता की ओर से इसका विरोध किया गया। फिलहाल उन्हें सीमित राहत जरूर मिली है, लेकिन अंतिम उम्मीद अब सुप्रीम कोर्ट पर टिकी है। यदि उच्चतम न्यायालय अगले छह महीनों में इस आदेश पर स्थगन नहीं देता, तो बागेपल्ली सीट पर उपचुनाव कराना अनिवार्य हो जाएगा।
एस.एन. सुब्बा रेड्डी पहले 2013 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधायक बने थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए। वे क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी उनके खिलाफ FEMA उल्लंघन से जुड़े मामले में कार्रवाई की थी, जिसमें विदेशी संपत्तियों के खुलासे को लेकर सवाल उठे थे। अब इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य की राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है।