Edited By Rohini Oberoi,Updated: 15 Feb, 2026 12:47 PM

भारतीय रेलवे में सफर के दौरान अक्सर जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में कई यात्री भीड़ से बचने या जल्दबाजी में ट्रेन के लगेज कोच (सामान रखने वाला डिब्बा) में चढ़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए। रेलवे नियमों के...
Indian Railways Luggage Coach Fine : भारतीय रेलवे में सफर के दौरान अक्सर जनरल डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं होती। ऐसे में कई यात्री भीड़ से बचने या जल्दबाजी में ट्रेन के लगेज कोच (सामान रखने वाला डिब्बा) में चढ़ जाते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं तो सावधान हो जाइए। रेलवे नियमों के अनुसार लगेज वैन में सफर करना न केवल गैरकानूनी है बल्कि यह आपकी जेब पर भारी चपत लगा सकता है और आपको जेल की हवा भी खिला सकता है।
लगेज कोच में सफर: मजबूरी या अपराध?
अक्सर सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल होते हैं जहां यात्री सामान के डिब्बों में बैठे नजर आते हैं। यात्रियों का तर्क होता है कि जनरल कोच में जगह नहीं थी या ट्रेन छूटने वाली थी लेकिन रेलवे बोर्ड के मुताबिक लगेज कोच यात्रियों के बैठने के लिए नहीं बल्कि सामान और पार्सल की सुरक्षित ढुलाई के लिए बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से इनमें सफर करना बेहद खतरनाक है।
पकड़े जाने पर कितना लगेगा जुर्माना?
रेलवे एक्ट 1989 (Railways Act, 1989) के तहत अनधिकृत रूप से लगेज वैन में प्रवेश करना एक दंडनीय अपराध है। इसके लिए अलग-अलग जोन में सख्त प्रावधान हैं:
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नकद जुर्माना: सामान्य तौर पर 500 से 1000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है।
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जेल की सजा: नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।
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भारी पेनल्टी: कुछ रेलवे जोन (जैसे साउथ वेस्टर्न रेलवे) में नियम है कि अगर आप ब्रेक वैन या लगेज वैन में मिलते हैं तो आपसे 1AC (फर्स्ट एसी) के किराए के बराबर शुल्क और अतिरिक्त पेनल्टी वसूली जाएगी।
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भाड़े का नियम: लगेज भाड़े का 6 गुना जुर्माना या कम से कम 50 रुपये अतिरिक्त चार्ज भी लिया जा सकता है।
गलत कोच में बैठने पर भी है सख्ती
रेलवे का स्पष्ट नियम है कि आपके पास जिस कोच का टिकट है आपको उसी में सफर करना चाहिए।
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स्लीपर/एसी में घुसपैठ: यदि आपके पास जनरल टिकट है और आप स्लीपर या एसी कोच में बैठते हैं, तो टीटीई आपसे किराए का अंतर और पेनल्टी वसूल करेगा।
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आरक्षित डिब्बे: महिला कोच, दिव्यांग कोच या गार्ड के डिब्बे में बिना अनुमति बैठना कानूनन जुर्म है। रेलवे स्टाफ आपको अगले स्टेशन पर उतार सकता है या कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
सुरक्षा पहली प्राथमिकता
रेलवे प्रशासन का कहना है कि लगेज कोच में वेंटिलेशन और बैठने की व्यवस्था यात्रियों के अनुकूल नहीं होती। किसी दुर्घटना की स्थिति में यहाँ सवार यात्रियों की जान को सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसलिए हमेशा अपने निर्धारित कोच में ही सफर करें।