Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jun, 2026 11:08 AM

LPG-PNG New Rule 2026: देशभर में LPG और पाइप्ड नेचुरल गैस यानि PNG का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। नए नियमों के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता ने अपने घर में PNG कनेक्शन लगवा लिया है, तो उसे 30 दिनों के अंदर अपने LPG...
LPG-PNG New Rule 2026: देशभर में LPG और पाइप्ड नेचुरल गैस यानि PNG का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव सामने आया है। नए नियमों के अनुसार, अगर किसी उपभोक्ता ने अपने घर में PNG कनेक्शन लगवा लिया है, तो उसे 30 दिनों के अंदर अपने LPG कनेक्शन की स्थिति स्पष्ट करनी होगी और अगर तय समय के अंदर जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो एक्सट्रा कनेक्शन पर कार्रवाई की जा सकती है।
एक परिवार के लिए एक घरेलू कनेक्शन
सरकार ने साफ कर दियाहै कि एक ही रसोई का उपयोग करने वाले परिवार के लिए केवल एक ही घरेलू गैस कनेक्शन पर्याप्त माना जाएगा। जांच के दौरान अगर एक ही परिवार के नाम पर एक से अधिक घरेलू LPG कनेक्शन पाए जाते हैं, तो एकस्ट्रा कनेक्शन को नियमों के तहत हटाया जा सकता है। ऐसे में नियमों का पालन नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की गैस आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। संबंधित एजेंसियां ऐसे मामलों की जांच कर सकती हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कनेक्शन को बंद किए जा सकते है।
डबल बॉटल कनेक्शन की सुविधा
जो उपभोक्ता स्वेच्छा से अतिरिक्त LPG कनेक्शन सरेंडर करेंगे, उन्हें मौजूदा कनेक्शन को डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) में बदलवाने का option मिल सकता है। इससे घर में एक एक्सट्रा सिलेंडर रखने की सुविधा बनी रहेगी और गैस खत्म होने पर परेशानी नहीं होगी।
Transfer Voucher से दोबारा मिलेगा LPG कनेक्शन
सरकार ने नियमों को सख्त करने के साथ उपभोक्ताओं को बड़ी राहत भी दी है। एलपीजी कनेक्शन बंद करने के बाद आपको एक Transfer Voucher दिया जाएगा। ऐसे उपभोक्ता जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से भविष्य में किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट हो सकते हैं जहां PNG की सुविधा उपलब्ध नहीं है, उन्हें ट्रांसफर वाउचर की सुविधा दी जाएगी। इस वाउचर की मदद से बाद में LPG कनेक्शन दोबारा सक्रिय करवाना आसान होगा।
किराएदारों और नौकरीपेशा लोगों को राहत
नए नियम विशेष रूप से ट्रांसफरेबल जॉब करने वाले कर्मचारियों, छात्रों, किराएदारों और प्रवासी परिवारों के लिए फायदेमंद माने जा रहे हैं। इससे स्थान बदलने की स्थिति में गैस कनेक्शन से जुड़ी औपचारिकताएं पहले की तुलना में सरल हो सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों से गैस वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी और घरेलू कनेक्शनों के दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।