महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री शिंदे ने PM मोदी से की मुलाकात, इन मुद्दों पर की चर्चा

Edited By Updated: 07 Aug, 2026 09:45 PM

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शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने के प्रयास तेज कर...

नेशनल डेस्क : शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सरकार ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयकों को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जुटाने के प्रयास तेज कर दिये हैं। शिवसेना सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है और लोकसभा में पार्टी के 13 तथा राज्यसभा में दो सदस्य हैं।

प्रतिद्वंद्वी शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के छह सांसदों के शिवसेना में शामिल होने के बाद शिवसेना के लोकसभा में सदस्यों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। सरकार संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित कराने के लिए व्यापक प्रयास कर रही है। शिंदे ने हालांकि आधिकारिक तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात में बारिश से जुड़े मुद्दों और महाराष्ट्र के समग्र विकास पर चर्चा हुई। उन्होंने संसद भवन परिसर स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में मोदी से मुलाकात की।

मोदी ने शुक्रवार को शिंदे की पार्टी में हाल में शामिल हुए छह सांसदों के साथ-साथ राजग के अन्य घटक दलों के सांसदों को भी चाय पर आमंत्रित किया था। शिंदे ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के साथ सांसदों की बातचीत से उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। शिंदे ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद कहा, ''हमने उनके (सांसदों के ) संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में किए जाने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की। इससे राज्य सरकार और केंद्र, दोनों को लाभ होगा और हमारे सांसदों को विकास कार्यों के लिए समर्थन मिलेगा।''

शिंदे ने बाद में जारी एक बयान में सभी राजनीतिक दलों से महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में सहयोग करने की अपील की और कहा कि संसद को राजनीतिक हितों की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक आवश्यक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की विपक्ष की मांग पर शिंदे ने इसे पूरी तरह राजनीतिक करार दिया। उन्होंने संसद में जारी गतिरोध को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आलोचना की तथा आरोप लगाया कि वे लोकतांत्रिक बहस में भाग लेने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के साथ हुई मुलाकात में शिंदे के साथ शिवसेना के सांसद भी मौजूद थे। 

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