मायावती का विस्फोटक बयान: भाजपा सरकार में सुरक्षित नहीं ब्राह्मणों का सम्मान

Edited By Updated: 07 Feb, 2026 03:43 PM

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बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार में कुछ मुट्ठी भर लोगों को छोड़कर समाज के सभी वर्गों के लोग त्रस्त...

नेशनल डेस्क: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार में कुछ मुट्ठी भर लोगों को छोड़कर समाज के सभी वर्गों के लोग त्रस्त हैं, लेकिन उनमें खासकर ब्राह्मण समाज उपेक्षा और असम्मान के विरुद्ध काफी मुखर है। बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को यहां पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई के प्रदेश, मंडल, जिला व विधानसभा स्तर तक के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों की विशेष बैठक में आगामी विधानसभा आमचुनाव के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि "वैसे तो वर्तमान हालात में यही लगता है कि भाजपा सरकार की नीतियों एवं कार्यकलापों से, कुछ मुट्ठीभर लोगों को छोड़कर जिनके स्वार्थ की पूर्ति हर प्रकार से की जा रही है, समाज के सभी वर्ग के लोग काफी ज्यादा दुखी व त्रस्त हैं।"

उन्होंने कहा कि खासकर ब्राह्मण समाज अपनी उपेक्षा, असुरक्षा व असम्मान आदि के विरुद्ध काफी मुखर है और जिसकी चर्चा देशभर में हो रही है। मायावती ने कहा, "इसके प्रभाव को लेकर भाजपा काफी हद तक असहज व चिन्तित भी नजर आ रही है, लेकिन यहां सोचने की असल बात यह है कि उच्च जातियों खासकर ब्राह्मण समाज को जितना आदर-सम्मान, पद व सुरक्षा आदि बसपा प्रमुख द्वारा पार्टी तथा सरकार स्तर पर दिया गया क्या उतना कोई दूसरी पार्टी अथवा सरकार उन्हें दे पायी है? यहां पार्टी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक मायावती ने बैठक में कहा कि बसपा का सिद्धान्त व नीति हमेशा 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की रही है और इसी के आधार पर 'कानून द्वारा कानून के राज' को सख्ती से लागू करके यहां उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के लोगों का वास्तविक भला किया गया है। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज का हित बसपा में ही सुरक्षित रहा है और आगे भी रह सकता है, जबकि विरोधी पार्टियों की सोच, नीति व कार्यकलाप ज्यादातर संकीर्ण, जातिवादी, साम्प्रदायिक, धन्नासेठ-समर्थक पूंजीवादी व गरीब-विरोधी ही रहा है। उन्होंने बिना नाम लिए अपने विरोधियों को लक्ष्य करके कहा, "अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) व अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण के खिलाफ इनकी चाल, चरित्र व चेहरा भला कोई कैसे कभी भुला सकता है, इसके कारण ही इन वर्गों के लोगों को सरकारी नौकरी पाने तथा प्रमोशन आदि में भारी संकटों का सामना करना पड़ रहा है।"

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उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, "इनकी सही नीयत के अभाव के कारण ही हाल ही में विश्व विद्यालय आयोग (यूजीसी) नियम को सामाजिक समरसता की बजाय सामाजिक तनाव का नया कारण बना दिया गया।" बसपा प्रमुख ने राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सम्बंध में कहा कि राज्य सरकार भी इसको लेकर चिन्ता जताती रहती है। मायावती ने कहा कि इसका समाधान यही है कि हर स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया जाये कि वे लोगों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में सहानुभूतिपूर्वक हर प्रकार से पूरा सहयोग करें ताकि खासकर गरीब, मजदूर, दैनिक वेतनभोगी, महिलायें व अशिक्षित लोग आदि मतदाता बनने में पिछड़ ना जायें। उन्होंने कहा कि संसद का वर्तमान बजट सत्र भी सरकार व विपक्ष के बीच जबरदस्त राजनीति व टकराव के कारण स्थगन, निलंबन व बहिष्कार आदि से ग्रस्त है।

मायावती ने कहा कि देश व आम जनहित से जुड़ी ज्वलन्त समस्याओं पर सही से चर्चा भी नहीं हो पाना कैसे उचित हो सकता है, इस पर सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों को गंभीरता से सोचना चाहिये। उन्होंने कहा कि विधानसभा की चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखकर संगठन में जरूरी फेरबदल किया गया है ताकि मिशन-2027 को मिशन 2007 की तर्ज पर हकीकत में बदलकर उत्तर प्रदेश में 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' के लिए पूर्ण बहुमत वाली बसपा सरकार फिर से बनायी जा सके। 

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