Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Mar, 2026 01:56 PM

Momos Side Effects: पंजाब के तरनतारन से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां दो मासूम भाई-बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम इन बच्चों ने सड़क किनारे एक रेहड़ी से मोमोज और चाप खाए थे। खाना खाने के...
Momos Side Effects: पंजाब के तरनतारन से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां दो मासूम भाई-बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम इन बच्चों ने सड़क किनारे एक रेहड़ी से मोमोज और चाप खाए थे। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टियां होने लगीं। घर वालों ने इसे सामान्य मानकर उल्टी की दवा दी और बच्चे सो गए, लेकिन रविवार की सुबह वे नहीं जागे। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हमारा पसंदीदा स्ट्रीट फूड इतना जानलेवा हो सकता है?
बीमारियों का घर बन सकता है मोमोज का अधिक सेवन
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. चंद्रिल चुघ के अनुसार, मोमोज के शौकीनों को इसके गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में जरूर जानना चाहिए। सबसे बड़ी समस्या इसकी बाहरी परत यानी 'मैदा' से है। मैदा सीधे हमारे लिवर पर असर डालता है, जिससे फैटी लिवर की समस्या पैदा हो सकती है। इसके साथ मिलने वाली चटपटी लाल चटनी भी कम खतरनाक नहीं है; इसमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है जो ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों का मुख्य कारण बनती है। इतना ही नहीं, मोमोज बनाने में इस्तेमाल होने वाले घटिया तेल से नसों में ब्लॉकेज हो सकती है, जो आजकल युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक का एक बड़ा कारण है। लंबे समय तक इसके सेवन से कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा भी बना रहता है।
चोकिंग: मौत का एक साइलेंट कारण
AIIMS नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने एक और डराने वाली बात उजागर की है। मोमोज की बनावट बहुत मुलायम और फिसलन भरी होती है। अक्सर लोग इसे बिना ठीक से चबाए जल्दी-जल्दी निगल लेते हैं। ऐसी स्थिति में मोमो गले में फंस सकता है और सांस की नली (Windpipe) को पूरी तरह ब्लॉक कर सकता है। इसे मेडिकल भाषा में 'चोकिंग' कहते हैं, जिससे दम घुटने के कारण तत्काल मौत हो सकती है। एक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तो यहाँ तक पाया गया कि मृतक के गले के मुहाने पर पूरा का पूरा डंपलिंग फंसा हुआ था।
मैदा और रसायनों का खतरनाक मेल
मोमोज को सफेद और मुलायम बनाने के लिए मैदे को कई रासायनिक प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। इसमें फाइबर बिल्कुल नहीं होता, जिसके कारण यह पाचन तंत्र को बिगाड़ देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें मौजूद रसायन हमारे पैंक्रियास पर बुरा असर डालते हैं और शरीर में इंसुलिन बनने की प्रक्रिया को बाधित कर सकते हैं। कुल मिलाकर, स्वाद के चक्कर में अपनी सुरक्षा और सेहत की अनदेखी करना बहुत भारी पड़ सकता है। अगली बार मोमोज खाते समय उसे अच्छी तरह चबाना और उसकी शुद्धता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।