Edited By Ramkesh,Updated: 15 Jul, 2026 08:26 PM

राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने इथियोपिया में फंसे पंजाब और हरियाणा के चार युवकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। ये चारों युवक टूरिस्ट वीज़ा पर इथियोपिया गए थे, लेकिन...
नेशनल डेस्क: राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने इथियोपिया में फंसे पंजाब और हरियाणा के चार युवकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। ये चारों युवक टूरिस्ट वीज़ा पर इथियोपिया गए थे, लेकिन एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद इन्हे अगवा कर लिया गया। कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच निकलने के पश्चात वे वहां के इमिग्रेशन अधिकारियों की हिरासत में हैं।
विदेश मंत्रालय को लिखे पत्र में सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि इन चारों युवाओं (दो पंजाब से और दो हरियाणा से) के परिजन उनके जीवन और सुरक्षा को लेकर गहरे मानसिक तनाव और चिंता में हैं। उन्होंने मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर गौरव (फगवाड़ा, कपूरथला, पंजाब), मंजीत सिंह (रहीमाबाद, कलानौर, गुरदासपुर, पंजाब), सुखविंदर सिंह ककराला और सुरजीत सिंह चीका (दोनों कैथल, हरियाणा निवासी ) की जल्द सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। सांसद ने कहा, "मैंने इथियोपिया में फंसे पंजाब के युवाओं का मामला विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया है तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार नज़र बनाए हुए हूं तथा उनकी भारत वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ भी तालमेल बनाए हुए हूं। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
उन्होंने आगे कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ऐसे मानवीय मामलों को लेकर बेहद संवेदनशील है। जब भी हम सरकार के संज्ञान में ऐसे मामले लाते हैं, तो वह तुरंत कार्रवाई करती है। मुझे यकीन है कि चारों युवाओं को जल्द ही सुरक्षित भारत वापस लाया जाएगा।" घटना की जानकारी साझा करते हुए सांसद संधू ने कहा, "यह बहुत चिंताजनक और गंभीर मामला है कि पंजाब और हरियाणा के हमारे युवाओं को इथियोपिया में अगवा कर, उन्हें प्रताड़ित किया गया और धारदार हथियारों से नुक्सान पहुंचाया गया। उनसे पैसे और सामान छीन लिए गए। ये चारों युवा टूरिस्ट वीज़ा या किसी अन्य तरीके से इथियोपिया गए थे। लेकिन जब वे एयरपोर्ट से बाहर निकले, तो अगवा करने वालों ने उन्हें होटल छोड़ने के बहाने बहला-फुसला लिया; उनमें से एक पंजाबी बोलता था और पाकिस्तानी था।
होटल की बजाय, वे इन युवाओं को किसी दूसरी जगह ले गए जहां उन्हें प्रताड़ित किया गया। सांसद ने कहा कि इन युवाओं के जो वीडियो और तस्वीरें मिली हैं, वे बहुत चौंकाने वाली हैं क्योंकि उनके हाथों और पैरों पर धारदार हथियारों के घाव हैं। यह बहुत गंभीर मामला है। जिसे इस मामले को इथियोपिया में भारतीय दूतावास और केंद्रीय विदेश मंत्रालय के सामने उठा रहा हूं। उन्होंने आगे कहा,“यह बहुत चिंता का विषय है कि दूसरे देशों में जाने वाले युवाओं के साथ ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। इन युवाओं का पता लगाने का काम शुरू कर दिया है और हम इन बच्चों को वापस लाने की पूरी कोशिश करेंगे। लेकिन मैं गुज़ारिश करना चाहता हूं कि हम ऐसी संवेदनशील जगहों पर जाने से बचें जहां खतरा हो। इससे पहले भी, मेरे ध्यान में आए ऐसे सभी मामलों को सुलझाने और विदेशों में मुश्किलों और चुनौतियों का सामना कर रहे भारतीय युवाओं को वापस लाने में हम सफल रहे हैं।
हमारी कोशिश होगी कि गौरव समेत इन चारों युवाओं का पता लगाया जाए और उन्हें सुरक्षित उनके माता-पिता तक पहुँचाया जाए। लेकिन सबसे बड़ी चिंता की बात यह भी है कि ऐसे हालात ही क्यों बने कि हमारे युवा इतना जोखिम उठाकर पंजाब छोड़ना चाहते हैं। यह हमारे लिए चिंता का विषय है। हम सभी को अपने राज्य में ज़रूरी अवसर उपलब्ध कराने के लिए काम करना चाहिए ताकि युवा रचनात्मक कामों में लगें और उन्हें राज्य छोड़कर विदेशों में न जाना पड़े। यही समय की मांग है।