Women Reservation Bill: क्या जल्द लागू होगा 33% महिला आरक्षण? सरकार की नई तैयारी से बढ़ी हलचल

Edited By Updated: 19 Mar, 2026 11:33 PM

nari shakti vandan adhiniyam amendment 2026

देश में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। Nari Shakti Vandan Adhiniyam (महिला आरक्षण कानून) को जल्द लागू करने के लिए केंद्र सरकार नए विकल्पों पर विचार कर रही है

नेशनल डेस्क: देश में महिला आरक्षण को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। Nari Shakti Vandan Adhiniyam (महिला आरक्षण कानून) को जल्द लागू करने के लिए केंद्र सरकार नए विकल्पों पर विचार कर रही है। खबर है कि सरकार जनगणना और परिसीमन की शर्त को हटाने के लिए संविधान में संशोधन ला सकती है, जिससे लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण जल्दी लागू हो सके।

क्या बदलेगा मौजूदा नियम?

यह कानून सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित हुआ था। उस समय इसमें यह प्रावधान रखा गया था कि महिला आरक्षण अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होगा। अब सरकार इस शर्त को हटाकर प्रक्रिया को तेज करने की तैयारी में है। संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने भी संकेत दिए हैं कि संसद सत्र में एक अहम विधेयक पेश किया जा सकता है।

विपक्ष का दबाव बढ़ा

इस मुद्दे पर विपक्ष भी सक्रिय हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि कानून को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर लागू करने में अनावश्यक देरी हो रही है। साथ ही, ‘कोटा के भीतर कोटा’ यानी OBC महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग भी उठाई जा रही है।

कैसे लागू हो सकता है आरक्षण?

अगर सरकार संशोधन लाती है, तो लोकसभा की 543 सीटों में से करीब 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। सीटों के निर्धारण के लिए लॉटरी सिस्टम या रोटेशन का तरीका अपनाया जा सकता है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं को मौका मिले।

 आगामी चुनावों पर असर

विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह फैसला जल्द लागू होता है, तो 2027 के विधानसभा चुनावों—जैसे उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड—में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

 बड़ी तस्वीर

फिलहाल कानून के अनुसार महिला आरक्षण जनगणना 2027 और परिसीमन के बाद ही लागू होना था। लेकिन सरकार की नई रणनीति इस प्रक्रिया को पहले लागू करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर संभावित सर्वदलीय बैठक और संसद में आने वाले प्रस्ताव पर टिकी है, जो भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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