मुंबई जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने नवाब मलिक पर ठोका 1000 करोड़ का मानहानि का मुकदमा

Edited By Anu Malhotra,Updated: 30 Nov, 2021 09:48 AM

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एनसीपी नेता और महाराष्ट्र कैबिनेट में मंत्री नवाब मलिक पिछले काफी दिन से एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े पर बड़े-बड़े आरोप लगा रहे है, वहीं इस बीच एक नया मामला सामने आया है।

मुंबई: एनसीपी नेता और महाराष्ट्र कैबिनेट में मंत्री नवाब मलिक पिछले काफी दिन से एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े पर बड़े-बड़े आरोप लगा रहे है, वहीं इस बीच एक नया मामला सामने आया है। 

मुंबई जिला सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक ने एनसीपी नेता सहित सात अन्य पर 1000 करोड़ रुपए की मानहानि का केस ठोका है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस मामले में नवाब मलिक और अन्य को जवाब देने के लिए 6 हफ्तों का समय दिया है।
 
दरअसल, बैंक की ओर से वकील अखिलेश चौबे ने अदालत को बताया कि 1 से 4 जुलाई के बीच बैंक के खिलाफ आधारहीन, चौंकाने वाले और मानहानि वाली बात के साथ कई होर्डिंग मुंबई के व्यस्त चौराहों पर लगाए गए थे, जिसे मुंबई के लाखों लोगों ने देखा। बैंक ने दावा किया कि इन होर्डिंग्स से उनकी प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचा।

बैंक ने कहा कि उन्होंने इस मामले में नवाब मलिक और अन्य को नोटिस भेजा था। मलिक ने अपने जवाब में इन पोस्टरों को उक्त स्थानों पर लगाने से इनकार किया था और वास्तव में बैंक से नोटिस वापस लेने को कहा। इस तरह मलिक की ओर से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का कोई सवाल ही नहीं रह गया है।
 
बैंक की ओर से मानहानि के दायर केस में कहा गया है कि पहली नजर में यह बैंक की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का इरादा लगता है। मलिक और अन्य लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर जनता के दिमाग में यह बात पहुंचाने की कोशिश हुई कि बैंक भ्रष्ट है और उनकी जमा राशि यहां सुरक्षित नहीं है। 

याचिका में बैंक ने कहा कि नवाब मलिक और अन्य को बैंक से पूर्ण रूप से और बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।  इसके अलावा मलिक और अन्य से 1000 करोड़ रुपए की भुगतान करने का आदेश देने की मांग कोर्ट से की गई है।

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