Commercial LPG New Rules: अब बिना इस प्रक्रिया के नहीं मिलेगा कमर्शियल गैस सिलेंडर, सरकार ने बदला नियम

Edited By Updated: 06 Apr, 2026 10:42 AM

new rule lpg cylinder only after png application

अगर आप दिल्ली में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा या कोई फैक्ट्री चलाते हैं, तो यह बदलाव आपके काम को सीधे प्रभावित कर सकता है। दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG (गैस सिलेंडर) के इस्तेमाल को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं।

नेशनल डेस्क: अगर आप दिल्ली में होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा या कोई फैक्ट्री चलाते हैं, तो यह बदलाव आपके काम को सीधे प्रभावित कर सकता है। दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG (गैस सिलेंडर) के इस्तेमाल को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। जिनके तहत अब गैस सिलेंडर की डिलीवरी के लिए नई शर्तें तय की गई हैं।

क्या है नया नियम?
सरकार के अनुसार, अब कमर्शियल LPG सिलेंडर केवल उन्हीं व्यवसायिक ग्राहकों को दिए जाएंगे, जो पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए आवेदन करेंगे। इसके साथ ही सभी कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) के साथ अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।


PNG कनेक्शन के लिए आवेदन जरूरी
नए नियम के तहत:

जिन इलाकों में PNG पाइपलाइन पहले से उपलब्ध है, वहां के सभी व्यापारियों को PNG कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य होगा। जिन क्षेत्रों में अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां कारोबारियों को एक लिखित ‘वचन पत्र’ देना होगा कि जैसे ही पाइपलाइन उपलब्ध होगी, वे PNG पर शिफ्ट हो जाएंगे।


सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
इस फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी एक बड़ी वजह हैं। ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक अस्थिरता के कारण LPG की सप्लाई प्रभावित हो रही है। भारत अपनी जरूरतों के लिए कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। वहीं, PNG यानी नेचुरल गैस के लिए भारत के पास अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे कई विकल्प मौजूद हैं। इसी कारण सरकार अब LPG पर निर्भरता कम करके PNG को बढ़ावा देना चाहती है।


व्यापारियों और आम लोगों को क्या फायदा?
PNG 24 घंटे पाइपलाइन के जरिए लगातार उपलब्ध रहती है, इसमें सिलेंडर बुकिंग या रिफिल का झंझट नहीं होता। यह LPG के मुकाबले सस्ती पड़ती है, जिससे व्यापारियों की लागत कम होगी। सिलेंडर की ढुलाई और स्टोरेज के मुकाबले पाइपलाइन से गैस सप्लाई ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है।


सरकार को क्या लाभ?
सरकार को घरेलू LPG और उज्ज्वला योजना के तहत भारी सब्सिडी देनी पड़ती है। PNG पर ऐसी सब्सिडी नहीं होती, जिससे सरकारी खर्च कम होगा और आर्थिक बोझ घटेगा।


LPG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी
गौरतलब है कि 1 अप्रैल से कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी हुई है। पिछले एक महीने में यह तीसरी बार है जब कीमतें बढ़ाई गई हैं। ऐसे में सरकार PNG को बढ़ावा देने के लिए कनेक्शन प्रक्रिया को भी आसान बना रही है।


कनेक्शन प्रक्रिया हुई आसान
अब PNG कनेक्शन लेने के लिए पहले की तरह भारी फीस और ज्यादा कागजी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी। सरकार ने नियमों को सरल बनाकर व्यापारियों को जल्दी और आसानी से PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। कुल मिलाकर, यह कदम LPG की कमी को नियंत्रित करने, लागत घटाने और सुरक्षित गैस सप्लाई सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

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