PF ट्रांसफर की नई सुविधा: अब मर्जिंग के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर, जानें कैसे काम करेगी नई ऑनलाइन सर्विस

Edited By Updated: 24 Jan, 2026 05:37 PM

no more running around for merging accounts learn how the new online service

नौकरी बदलते समय पीएफ अकाउंट मर्ज करना कर्मचारियों के लिए अक्सर एक बड़ी परेशानी बन जाता था। अलग-अलग कंपनियों में काम करने के दौरान पुराने पीएफ अकाउंट की जानकारी न देने पर नया अकाउंट खुल जाता था, जिससे एक ही व्यक्ति के नाम पर कई पीएफ अकाउंट हो जाते थे।

नेशनल डेस्क: नौकरी बदलते समय पीएफ अकाउंट मर्ज करना कर्मचारियों के लिए अक्सर एक बड़ी परेशानी बन जाता था। अलग-अलग कंपनियों में काम करने के दौरान पुराने पीएफ अकाउंट की जानकारी न देने पर नया अकाउंट खुल जाता था, जिससे एक ही व्यक्ति के नाम पर कई पीएफ अकाउंट हो जाते थे।

अब इस समस्या का समाधान ईपीएफओ 3.0 के जरिए आसान कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत पीएफ अकाउंट को मर्ज या ट्रांसफर करने के लिए कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि ट्रांसफर रिक्वेस्ट से ही पूरा काम ऑनलाइन हो जाएगा।

ईपीएफओ 3.0 से क्या बदला?
ईपीएफओ 3.0 के तहत पीएफ अकाउंट को जोड़ने की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल, तेज और पेपरलेस हो गई है। इससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट से जुड़ी सारी बचत एक ही अकाउंट में सुरक्षित रहती है। कई अकाउंट होने से होने वाला कन्फ्यूजन खत्म होता है, इनएक्टिव अकाउंट नहीं बनते और ब्याज की गणना भी सही तरीके से होती है। साथ ही, पीएफ निकासी और पेंशन क्लेम की प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है।

पीएफ अकाउंट मर्ज करने से पहले ये शर्तें पूरी हों

  • पीएफ अकाउंट मर्ज करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
  • आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिव होना चाहिए।
  • आधार, पैन और बैंक डिटेल्स UAN से लिंक होनी चाहिए।
  • सभी पीएफ अकाउंट में नाम, जन्मतिथि और अन्य निजी जानकारियां एक जैसी होनी चाहिए।
  • अगर किसी तरह की गड़बड़ी है, तो पहले उसे ठीक कराना जरूरी होगा।

पीएफ अकाउंट मर्ज करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

  • ईपीएफओ के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाएं।
  • UAN और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करें।
  • पुराने पीएफ अकाउंट की जानकारी, जैसे पीएफ नंबर और कंपनी का नाम भरें।
  • यह चुनें कि अप्रूवल पुराने एम्प्लॉयर से लेना है या नए एम्प्लॉयर से।
  • सभी विवरण भरने के बाद रिक्वेस्ट सबमिट करें।
  • आधार से आए ओटीपी को दर्ज कर वेरिफिकेशन पूरा करें।

    ट्रांसफर रिक्वेस्ट के बाद क्या होता है?
    रिक्वेस्ट अप्रूव होते ही पुराने पीएफ अकाउंट का बैलेंस अपने आप नए या मौजूदा अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। यह प्रक्रिया अब पहले के मुकाबले काफी तेज हो गई है। हालांकि, कर्मचारी चाहें तो फॉर्म-13 के जरिए पुराने तरीके से भी ट्रांसफर कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया को सबसे आसान और सुविधाजनक माना जा रहा है।

    कर्मचारियों के लिए क्यों है फायदेमंद?
    ईपीएफओ 3.0 से पीएफ सिस्टम ज्यादा पारदर्शी और कर्मचारी-दोस्त बन गया है। अब एक ही अकाउंट के जरिए फाइनेंशियल प्लानिंग करना आसान हो गया है। रिटायरमेंट के समय पूरी बचत और ब्याज एक साथ मिलते हैं, जिससे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होती है। जिन कर्मचारियों ने कई बार नौकरी बदली है और उनके पास एक से ज्यादा पीएफ अकाउंट हैं, उनके लिए यह सुविधा खास तौर पर फायदेमंद साबित हो रही है।

 

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