Edited By Parveen Kumar,Updated: 19 Jun, 2026 07:39 PM
जून 2024 में ओडिशा की जनता ने राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट जनादेश देकर जनता ने केवल सत्ता परिवर्तन नहीं किया, बल्कि विकास, सुशासन और जनकल्याण पर आधारित एक नए शासन मॉडल पर भरोसा जताया। मुख्यमंत्री मोहन...
नेशनल डेस्क : जून 2024 में ओडिशा की जनता ने राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा। भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट जनादेश देकर जनता ने केवल सत्ता परिवर्तन नहीं किया, बल्कि विकास, सुशासन और जनकल्याण पर आधारित एक नए शासन मॉडल पर भरोसा जताया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में बनी सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल में कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिन्होंने ओडिशा को राष्ट्रीय विकास विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" विजन के अनुरूप ओडिशा सरकार ने महिला सशक्तिकरण, औद्योगिक निवेश, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है। इन दो वर्षों में राज्य ने जिस गति से प्रगति की है, उसने ओडिशा को देश के सबसे तेजी से उभरते राज्यों में शामिल कर दिया है।
माझी सरकार की सबसे चर्चित और प्रभावशाली पहलसुभद्रा योजनारही है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को पांच वर्षों में ₹50,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 1.2 करोड़ से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिल चुका है। इस पहल ने महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान की है।
कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में भी सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है।मुख्यमंत्री किसान योजनाऔर अन्य कृषि-केंद्रित पहलों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। साथ ही, ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों के विस्तार ने गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गरीब और वंचित वर्गों के कल्याण को सरकार ने अपनी प्राथमिकताओं में रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथअंत्योदय गृह योजनाके माध्यम से ऐसे परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है जो विभिन्न कारणों से अन्य योजनाओं से वंचित रह गए थे। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और कौशल विकास संस्थानों की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया गया है।
हालांकि, मोहन माझी सरकार के दो वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि राज्य में रिकॉर्ड निवेश आकर्षित करना माना जा रहा है। जनवरी 2025 में आयोजितउत्कर्ष ओडिशा- मेक इन ओडिशा कॉन्क्लेवने निवेश के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। राज्य को ₹16.7 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 12.9 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह उपलब्धि ओडिशा को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में शामिल करती है।
देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों ने भी ओडिशा में बड़े निवेश की घोषणा की है। अडानी समूहने राज्य में अगले पांच वर्षों में ₹2.3 लाख करोड़ निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। ऊर्जा, बंदरगाह, सीमेंट, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में यह निवेश ओडिशा की आर्थिक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
इसी प्रकार जेएसडब्ल्यू समूहने केन्दुझर में अत्याधुनिक इस्पात परियोजना के लिए ₹35,000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है। वहीं, जेएसडब्ल्यू और दक्षिण कोरिया कीPOSCOके बीच प्रस्तावित साझेदारी से लगभग ₹65,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश की संभावनाएं बनी हैं। इससे ओडिशा का स्थान देश के प्रमुख इस्पात और विनिर्माण केंद्रों में और मजबूत होगा।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी ओडिशा तेजी से आगे बढ़ रहा है।Intelऔर अमेरिकी कंपनी3D Glass Solutionsद्वारा राज्य में लगभग ₹28,000 करोड़ की सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करने की पहल ने ओडिशा को भारत की उभरती सेमीकंडक्टर अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है। इसके अलावा RIR Power Electronics और SiCSemजैसी कंपनियां भी राज्य में अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधाएं स्थापित कर रही हैं।
इन उपलब्धियों के पीछे केवल निवेश आकर्षित करने की नीति नहीं, बल्कि सुशासन और प्रशासनिक जवाबदेही पर सरकार का विशेष जोर भी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी स्वयं विभिन्न योजनाओं की नियमित समीक्षा करते हैं और जिलों तक जाकर विकास कार्यों की प्रगति का आकलन करते हैं। इससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनी है।
दो वर्षों का कार्यकाल किसी भी सरकार के लिए उसकी दिशा और दृष्टि का परिचायक होता है। मोहन चरण माझी सरकार ने इन दो वर्षों में यह स्पष्ट संकेत दिया है कि ओडिशा केवल प्राकृतिक संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार, प्रौद्योगिकी और समावेशी विकास का भी केंद्र बन सकता है। सुभद्रा योजना से लेकर रिकॉर्ड निवेश और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं तक, राज्य ने विकास की नई कहानी लिखनी शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा आज एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की ओर आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है।