Edited By Sahil Kumar,Updated: 02 Nov, 2026 04:48 PM

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की‘चलो दिल्ली'रैली में उमड़ी भारी भीड़...
नई दिल्लीः शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए दावा किया कि रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की‘चलो दिल्ली'रैली में उमड़ी भारी भीड़ सरकार बदलने की जनता की बढ़ती मांग का संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास महाराष्ट्र को लेकर चिंता जताने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तकर् दिया कि अगर भाजपा को सच में प्रदेश की परवाह होती, तो वह बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना में फूट नहीं डलवाती। राउत ने भाजपा के इस दावे को खारिज करते हुए कि चुनी हुई सरकार को आसानी से नहीं हटाया जा सकता, मौजूदा सरकार की वैधता पर सवाल उठाए और सीईसी पर सरकार को सत्ता में लाने में मदद करने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया, 'यह सरकार जनता द्वारा नहीं चुनी गई है, बल्कि पूरी तरह से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेंद्र कुमार की कृपा से सत्ता में आई है।' उन्होंने चुनाव आयोग प्रमुख को तुरंत पद से हटाने की मांग की। राउत ने आगे कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का राजनीतिक भविष्य जनता तय करेगी, न कि अमित शाह। उन्होंने दावा किया कि सत्ता से बाहर होने के बाद प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को कानूनी कारर्वाई का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के मुद्दे पर शाह को घेरते हुए बंगलादेश से अवैध घुसपैठ के दावों पर सवाल उठाए और इसके लिए गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। राउत ने कहा, 'अगर बंगलादेश की 15 करोड़ की आबादी में से 13.5 करोड़ लोग अवैध घुसपैठियों के रूप में भारत आ गए हैं, तो यह सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह की विफलता है।' उन्होंने मांग की कि देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में विफल रहने के कारण मोदी को गृह मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए।
उन्होंने 1974 में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक‘आपातकाल विरोधी आंदोलन'का जिक्र करते हुए दावा किया कि रविवार को रामलीला मैदान में हुई इंडिया गठबंधन की रैली, भीड़ की भागीदारी और जनता के उत्साह के मामले में पिछले सभी प्रदर्शनों से आगे निकल गई है। महाराष्ट्र के क्षेत्रीय नेताओं के मुख्य मंच से सभा को संबोधित क्यों किए जाने पर राउत ने कहा कि भारी भीड़ के कारण आयोजकों पर कार्यक्रम को जल्दी निपटाने का दबाव आ गया था।
उन्होंने बताया कि समर्थक सुबह आठ बजे से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे, जिससे मुख्य मंच के पास भारी भीड़ जमा हो गई। राउत ने कहा, 'रैली समय पर संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हमने कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से अनुरोध किया कि वे बिना किसी देरी के राहुल गांधी का संबोधन शुरू करवाएं।' राउत ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के लिए लगाए गए अवरोधों के बावजूद‘चलो दिल्ली'रैली को सफल बताते हुए कहा कि इस भीड़ ने केंद्र को यह संदेश दिया है कि लोग किसी भी तरह की प्रशासनिक या चुनावी धांधली को बर्दाश्त नहीं करेंगे।