कोटा के अस्पतालों में ‘मौत का तांडव’: गर्भवती महिलाओं की मौतों से दहला राजस्थान, अब तक 4 की जान गई

Edited By Updated: 11 May, 2026 11:19 PM

orgy of death  in kota hospitals

राजस्थान के कोटा में जेके लोन अस्पताल में ''सिजेरियन डिलीवरी'' के बाद जटिलताओं के कारण एक और महिला की मौत हो गई, जिससे पिछले एक सप्ताह में जिले में इस तरह की मौतों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई। मृतक की पहचान पिंकी महावर (30) के रूप में हुई है, जो...

नेशनल डेस्कः राजस्थान के कोटा में जेके लोन अस्पताल में ''सिजेरियन डिलीवरी'' के बाद जटिलताओं के कारण एक और महिला की मौत हो गई, जिससे पिछले एक सप्ताह में जिले में इस तरह की मौतों की कुल संख्या बढ़कर चार हो गई। मृतक की पहचान पिंकी महावर (30) के रूप में हुई है, जो दिहाड़ी मजदूर चंद्र प्रकाश की पत्नी थीं। पिछले 24 घंटों में जेके लोन अस्पताल में ''सिजेरियन डिलीवरी'' के बाद जान गंवाने वाली वह दूसरी महिला हैं।

अन्य दो मामले न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) से सामने आए हैं। पिंकी को सात मई को जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन अगले दिन उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद एक और सर्जरी हुई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। प्रकाश ने बताया, "उसी दिन देर रात पिंकी का सी-सेक्शन हुआ और उसने बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, अगले दिन आठ मई को पिंकी की हालत बिगड़ने लगी।

चिकित्सकों ने बताया कि पिंकी के गर्भाशय में संक्रमण हो गया था, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता थी। इसके बाद 15 घंटे के भीतर एक और सर्जरी की गई।" प्रकाश ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और दावा किया कि 10 मई को हालत गंभीर होने के बाद पिंकी को दूसरे अस्पताल में भेजा गया। उन्होंने बताया कि रात करीब 8:30 बजे जेके लोन अस्पताल के कर्मचारियों ने पिंकी को अस्पताल के पिछले गेट से एम्बुलेंस से एनएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। एनएमसीएच के प्राचार्य डॉ. नीलेश जैन ने पीटीआई-भाषा को बताया कि पिंकी की मृत्यु रविवार देर रात करीब 12:30 बजे हुई।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने एक उच्चस्तरीय समिति भेजी है जो जेके लोन अस्पताल का निरीक्षण कर रही है। परिवार के सदस्यों ने कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ जेके लोन अस्पताल में प्रदर्शन किया। पिंकी के पहले, 22 वर्षीय प्रिया महावर की नौ मई को जेके लोन अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद गुर्दे में संक्रमण होने से मृत्यु हो गई। उनसे पहले, दो अन्य महिलाएं पायल (26) और ज्योति नायक (19) की क्रमशः पांच और सात मई को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई थी। इस बीच, एनएमसीएच के एसएसबी वार्ड में भर्ती छह अन्य संक्रमित महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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