Edited By Pardeep,Updated: 16 Mar, 2026 11:55 PM

मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई थी।
नेशनल डेस्कः मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई थी। खासकर Strait of Hormuz पर असर पड़ने से भारत में एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई थी। लेकिन इस बीच भारत के लिए कई राहत भरी खबरें सामने आई हैं, जिससे स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है।
1. 40,000 मीट्रिक टन LPG लेकर भारत पहुंचा ‘शिवालिक’
मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद LPG टैंकर शिवालिक LPG टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंच गया। यह जहाज सोमवार शाम मुंद्रा बंदरगाह पहुंचा, जिसमें 40,000 मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी लोड था। यह भारत की कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है, क्योंकि ईरान ने बातचीत के बाद इस जहाज को रास्ता देने की अनुमति दी।
2. ‘नंदा देवी’ जहाज से कुल 92,712 मीट्रिक टन LPG पहुंचेगा
दूसरा बड़ा LPG टैंकर नंदा देवी LPG टैंकर भी भारत आने वाला है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इन दोनों जहाजों के जरिए कुल 92,712 मीट्रिक टन LPG भारत पहुंचेगा। भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG आयात करता है और इसका करीब 90% हिस्सा Strait of Hormuz से होकर आता है। पिछले कुछ दिनों में युद्ध के कारण भारत के 22 कार्गो जहाज इसी रास्ते में फंसे हुए थे, ऐसे में इन जहाजों का पहुंचना बड़ी राहत है।
3. देशभर में पैनिक बुकिंग में आई कमी
एलपीजी संकट की खबरों के बाद लोगों में घबराहट बढ़ गई थी और बड़े पैमाने पर बुकिंग हो रही थी। लेकिन अब स्थिति सुधर रही है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अनुसार 13 मार्च को LPG बुकिंग 88.8 लाख थी जो14 मार्च को घटकर करीब 77 लाख रह गई। ऑनलाइन बुकिंग 84% से बढ़कर 90% हो गई है, जिससे लोगों को आसानी से गैस मिल रही है। कंपनी ने यह भी बताया कि देश में कहीं भी LPG की कमी की रिपोर्ट नहीं है और सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।
4. PNG कनेक्शन की ओर बढ़ रहा लोगों का रुझान
सरकार वैकल्पिक उपाय के रूप में लोगों को Piped Natural Gas (PNG) अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। जिन लोगों के पास PNG कनेक्शन है, उन्हें LPG कनेक्शन सरेंडर करने के लिए कहा जा रहा है, ताकि LPG उन लोगों तक पहुंच सके जो पूरी तरह इसी पर निर्भर हैं।
5. मिडिल ईस्ट से 2.20 लाख भारतीय सुरक्षित लौटे
28 फरवरी 2026 से अब तक मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों से लगभग 2,20,000 लोग सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से कुछ समय के लिए उड़ानें बंद होने के बाद अब धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही हैं। अबू धाबी, रास अल खैमाह और फ़ुजैरा से भी सीमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत के अलग-अलग शहरों के लिए 45 से ज्यादा उड़ानें तय की गई हैं।
भारत के लिए राहत के संकेत
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ये पांच खबरें भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आई हैं। एलपीजी सप्लाई में सुधार, पैनिक बुकिंग में कमी और लोगों की सुरक्षित वापसी जैसे कदम यह दिखाते हैं कि हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहे हैं और सरकार स्थिति को संभालने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।