Edited By Pardeep,Updated: 20 Mar, 2026 12:29 AM

केरल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने घर में पक्षी पालने वालों और नॉन-वेज खाने वालों की चिंता बढ़ा दी है।
नेशनल डेस्कः केरल से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने घर में पक्षी पालने वालों और नॉन-वेज खाने वालों की चिंता बढ़ा दी है। राज्य के दो बड़े जिलों अलाप्पुझा और कोझिकोड में खतरनाक H5N1 बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने 20,000 से ज्यादा घरेलू पक्षियों को मारने का आदेश दे दिया है। गुरुवार को लैब रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने तुरंत हाई अलर्ट जारी कर दिया।
अलाप्पुझा में तेजी से फैला संक्रमण
अलाप्पुझा जिले के मुहम्मा ग्राम पंचायत में वार्ड नंबर 7 में संक्रमण के मामले सामने आए। जिला कलेक्टर इनबासेकर कालिमुथु ने तुरंत बैठक बुलाई। इसमें निर्णय लिया गया कि संक्रमित इलाके के 1 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 5,961 घरेलू पक्षियों (मुर्गी, बत्तख आदि) को खत्म किया जाएगा। यह अभियान 21 मार्च की सुबह से शुरू किया जाएगा, ताकि संक्रमण आगे न फैले।
कोझिकोड में हालात ज्यादा गंभीर
कोझिकोड जिले में ओलावन्ना, कक्कोडी और पेरुमन्ना पंचायतों में संक्रमण के लक्षण मिले। जिला कलेक्टर स्नेहल कुमार सिंह के अनुसार यहां 14,228 पक्षियों को मारना पड़ेगा। भोपाल की NIHSAD लैब से आई रिपोर्ट ने पुष्टि की कि यह खतरनाक H5N1 वायरस ही है। राहत की बात यह है कि अभी तक इंसानों में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है,लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
प्रशासन की सख्त गाइडलाइंस
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में मुर्गी, अंडे और मांस की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इन चीजों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। अगर कहीं मरे हुए पक्षी दिखें तो उन्हें हाथ न लगाएं, तुरंत सरकारी अस्पताल या पशु विभाग को इसकी सूचना दें।
मांस खाने को लेकर क्या सावधानी?
डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर मांस को 70°C तापमान पर 3-5 मिनट तक अच्छी तरह पकाया जाए, तो वायरस खत्म हो जाता है। कच्चा या अधपका मांस और अंडा खाना फिलहाल जोखिम भरा हो सकता है।
घर में पक्षी पालने वालों के लिए सलाह
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मरे हुए पक्षियों को खुले में न छोड़ें
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उन्हें गहरा गड्ढा खोदकर, चूना और ब्लीचिंग पाउडर डालकर दफनाएं
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इससे संक्रमण मिट्टी में फैलने से रोका जा सकता है
कंट्रोल रूम और सरकार की तैयारी
कोझिकोड में लोगों की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। सरकार की कोशिश है कि इस बीमारी को सिर्फ इन दो जिलों तक सीमित रखा जाए यह पड़ोसी राज्यों तक न फैले।