Edited By Rohini Oberoi,Updated: 17 Mar, 2026 12:24 PM

आर्थिक तंगी और ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहे श्रीलंका ने सरेंडर कर दिया है। सरकार ने आधिकारिक घोषणा की कि अब पूरे देश में हफ्ते में केवल 4 दिन ही कामकाज होगा। परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए यह ऐतिहासिक और कड़ा...
Sri Lanka Fuel Crisis Four Day Working Week : आर्थिक तंगी और ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहे श्रीलंका ने सरेंडर कर दिया है। सरकार ने आधिकारिक घोषणा की कि अब पूरे देश में हफ्ते में केवल 4 दिन ही कामकाज होगा। परिवहन में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए यह ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने निजी कंपनियों (Private Sector) से भी अपील की है कि वे ऊर्जा बचाने के लिए अपने वर्किंग डेज कम करें या 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे विकल्पों को अपनाएं।
बुधवार को रहेगा टोटल लॉकडाउन
नए नियमों के मुताबिक अब सरकारी संस्थानों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में सप्ताह में केवल चार दिन ही काम होगा। हर बुधवार को सरकारी दफ्तर और शिक्षण संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे। सरकार का मानना है कि एक अतिरिक्त छुट्टी से सड़कों पर गाड़ियां कम उतरेंगी जिससे करोड़ों लीटर ईंधन की बचत हो सकेगी।

प्राइवेट सेक्टर के लिए गाइडलाइन
कोलंबो में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जरूरी सेवाओं के कमिश्नर जनरल ने साफ किया कि परिवहन और बिजली की खपत घटाना अब मजबूरी बन गई है। सरकार ने निजी कंपनियों (Private Sector) से भी अपील की है कि वे ऊर्जा बचाने के लिए अपने वर्किंग डेज कम करें या 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे विकल्पों को अपनाएं।

इन सेवाओं को रहेगी छूट
देश की व्यवस्था पूरी तरह न चरमरा जाए इसके लिए कुछ जरूरी विभागों को इस नियम से बाहर रखा गया है:
QR कोड: अब राशन की तरह मिलेगा पेट्रोल
सिर्फ छुट्टियां बढ़ाना ही काफी नहीं था इसलिए श्रीलंका ने ईंधन के वितरण के लिए डिजिटल राशनिंग प्रणाली लागू कर दी है।
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अब हर वाहन (दोपहिया, तिपहिया या कार) के लिए एक साप्ताहिक कोटा तय किया गया है।
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उपभोक्ताओं को पेट्रोल पंप पर अपना QR कोड दिखाना होगा।
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इससे पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और सीमित स्टॉक का समान वितरण हो सकेगा।
संकट की जड़: मिडिल ईस्ट का तनाव
श्रीलंका पहले से ही विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और आर्थिक मंदी से जूझ रहा है। ऊपर से मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने ग्लोबल सप्लाई चेन को तोड़ दिया है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और सप्लाई कम हो गई है। श्रीलंका सरकार को उम्मीद है कि इस 'वर्किंग वीक' कटौती से देश की डूबती अर्थव्यवस्था को थोड़ी ऑक्सीजन मिल सकेगी।