Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Jun, 2026 08:03 AM

Passport Rules: भारतीय पासपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक अहम जानकारी साझा की है। मंत्रालय ने कहा है कि पासपोर्ट का मकसद अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना है न कि इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण माना जाए।
Passport Rules: भारतीय पासपोर्ट को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक अहम जानकारी साझा की है। मंत्रालय ने कहा है कि पासपोर्ट का मकसद अंतरराष्ट्रीय यात्रा को आसान बनाना है न कि इसे भारतीय नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण माना जाए।
पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट
मंत्रालय के अनुसार, किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने के लिए Citizenship certificate, birth registration record, registration documents और अन्य आधिकारिक सरकारी रिकॉर्ड अधिक जरूरी माने जाते हैं। केवल पासपोर्ट के आधार पर नागरिकता का फैसला नहीं किया जा सकता। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पासपोर्ट एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, जिसे भारत सरकार विदेश यात्रा के लिए जारी करती है। यह दस्तावेज व्यक्ति की पहचान और यात्रा संबंधी जानकारी प्रदान करता है, लेकिन नागरिकता साबित करने के लिए अन्य कानूनी दस्तावेजों को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, नियमों के अनुसार किसी विदेशी नागरिक को भारतीय पासपोर्ट जारी नहीं किया जा सकता। इसी वजह से मंत्रालय के बयान के बाद नागरिकता और पासपोर्ट के संबंध को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
सरकार की संपत्ति होता है पासपोर्ट
बहुत कम लोग जानते हैं कि पासपोर्ट व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं माना जाता। पासपोर्ट पर स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि यह भारत सरकार की संपत्ति है। आवश्यकता पड़ने पर सरकार इसे वापस लेने या जमा कराने का निर्देश दे सकती है।
रिकॉर्ड समय में मिल रहे हैं पासपोर्ट
विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट सेवाओं में हुए सुधारों की जानकारी भी साझा की। मंत्रालय के मुताबिक, देशभर में चिप-आधारित e-Passport प्रणाली का विस्तार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2025 के दौरान करीब 1.5 करोड़ पासपोर्ट और संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। इनमें लगभग 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी किए गए। अधिकारियों का कहना है कि अब कई मामलों में पासपोर्ट सिर्फ 5 से 6 कार्यदिवस के भीतर तैयार हो रहा है। इसके अलावा, पासपोर्ट सेवा केंद्रों में आवेदन प्रक्रिया भी पहले की तुलना में काफी तेज हुई है और कई आवेदकों का काम 45 मिनट से कम समय में पूरा हो रहा है।
भारतीय नागरिकता के नियम
भारतीय नागरिकता का निर्धारण व्यक्ति के जन्म की तारीख और उसके माता-पिता की नागरिकता के आधार पर किया जाता है।
- 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्म लेने वाला प्रत्येक व्यक्ति जन्म से भारतीय नागरिक माना जाता है।
- 1 जुलाई 1987 के बाद जन्म लेने वालों के लिए कम से कम एक माता या पिता का भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।
- 3 दिसंबर 2004 या उसके बाद जन्मे बच्चों को जन्म के आधार पर नागरिकता तभी मिलेगी, जब दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों या उनमें से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो।