Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Jun, 2026 03:45 PM

Gold Storage Rules: अकसर लोग चोरी के डर से सोने को लाॅकर में रखना पसंद करते है लेकिन ऐसे में क्या आपको पता है कि लाॅकर में कितना सोना रख सकते है। अगर आप भी अपने गहने बैंक लॉकर में रखने की सोच रहे हैं, तो पहले इससे जुड़े नियम जरूर जान लें। क्योंकि...
Gold Storage Rules: अकसर लोग चोरी के डर से सोने को लाॅकर में रखना पसंद करते है लेकिन ऐसे में क्या आपको पता है कि लाॅकर में कितना सोना रख सकते है। अगर आप भी अपने गहने बैंक लॉकर में रखने की सोच रहे हैं, तो पहले इससे जुड़े नियम जरूर जान लें। क्योंकि सोना रखने की लिमिट, बैंक की जिम्मेदारी और मुआवजे से जुड़े नियमों की जानकारी न होने पर आपको बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।आईए जानते है... बैंक लॉकर में कितना सोना रखा जा सकता है?
बैंक लॉकर में Gold रखने की सीमा
सीधे शब्दों में कहें तो RBI ने बैंक लॉकर में सोना रखने की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की है। ग्राहक अपने लॉकर के आकार और क्षमता के अनुसार जितना चाहें उतना सोना, चांदी या अन्य कीमती सामान रख सकते हैं। सबसे खास बात यह है कि बैंक आमतौर पर यह नहीं जानता कि लॉकर के अंदर क्या रखा गया है। इसलिए बैंक आपसे यह जानकारी भी नहीं मांगता कि आपने लॉकर में कितना सोना रखा है।
बैंक लॉकर में रखे सामान का होता बीमा?
कई लोग यह मान लेते हैं कि बैंक लॉकर में रखा सामान पूरी तरह सुरक्षित और बीमित होता है, लेकिन वास्तविकता थोड़ी अलग है। बैंक केवल लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। लॉकर के अंदर रखे गए सामान का रिकॉर्ड बैंक के पास नहीं होता। इसी वजह से बैंक आपके सोने या गहनों का स्वतः बीमा नहीं करवाता। यदि आपके पास बड़ी मात्रा में कीमती आभूषण हैं, तो अलग से बीमा करवाना समझदारी भरा कदम हो सकता है।
लॉकर में नुकसान होने पर कितना मुआवजा मिलता है?
RBI के नियमों के अनुसार यदि बैंक की लापरवाही, चोरी, डकैती, आग लगने या बैंक कर्मचारियों की धोखाधड़ी की वजह से लॉकर में रखा सामान प्रभावित होता है, तो बैंक की जिम्मेदारी सीमित होती है। नियम के मुताबिक बैंक अधिकतम लॉकर के Annual Rent के 100 गुना तक मुआवजा देने के लिए उत्तरदायी होता है।
उदाहरण के तौर पर यदि किसी लॉकर का सालाना किराया 3,000 रुपये है, तो नुकसान की स्थिति में बैंक अधिकतम 3 लाख रुपये तक का भुगतान कर सकता है। ऐसे में यदि लॉकर में लाखों रुपये का सोना रखा हो, तो पूरी कीमत की भरपाई संभव नहीं होती।
Gold Insurance करवाना क्यों जरूरी ?
एक्सपर्ट का मानना है कि यदि आपके पास बड़ी मात्रा में सोना या महंगे आभूषण हैं, तो उनका अलग से बीमा करवाना बेहतर विकल्प है। इससे किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में वित्तीय नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
घर में सोना रखने के नियम
बैंक लॉकर के नियम और घर में सोना रखने के नियम अलग-अलग हैं। आयकर विभाग की गाइडलाइन के अनुसार कुछ मात्रा तक सोना रखने पर आमतौर पर पूछताछ नहीं की जाती।
विवाहित महिला: 500 ग्राम तक
अविवाहित महिला: 250 ग्राम तक
पुरुष: 100 ग्राम तक
हालांकि, यदि आपके पास इससे अधिक सोना है और उसके खरीद संबंधी वैध दस्तावेज मौजूद हैं, तो अधिक मात्रा में सोना रखना भी पूरी तरह कानूनी है।