Edited By Mansa Devi,Updated: 17 Feb, 2026 06:10 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और फ्रांस के संबंधों को विशेष और भरोसेमंद साझेदारी बताया।
नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत और फ्रांस के संबंधों को विशेष और भरोसेमंद साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टिकोण पर आधारित है।
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति
प्रधानमंत्री ने बताया कि रक्षा, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और फ्रांस मिलकर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति मैक्रों ने भी भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार बताया और कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में दोनों देशों का सहयोग और भी अहम हो गया है।
व्यापार और निवेश पर खास चर्चा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आर्थिक सहयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और नई तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की बात कही गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे, रक्षा निर्माण और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में फ्रांसीसी कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मौजूद हैं।
शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क
दोनों देशों ने शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ाने पर भी जोर दिया। छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर पैदा करने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के लोगों के बीच बढ़ता संपर्क दोनों देशों की दोस्ती को और गहरा करेगा।
वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण
साझा प्रेस वार्ता में जलवायु परिवर्तन, वैश्विक सुरक्षा और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का समर्थन किया और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने अंत में कहा कि भारत और फ्रांस की मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है और आने वाले वर्षों में यह साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।