Edited By Pardeep,Updated: 20 Feb, 2026 12:46 AM

उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में नगर पालिका के निर्माणाधीन भवन में नमाज पढ़ने का बृहस्पतिवार को वीडियो सार्वजनिक होने के बाद सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन दोनों समुदायों के लोगों के साथ बैठक की।
नेशनल डेस्कः उत्तराखंड के चमोली जिले के ज्योतिर्मठ में नगर पालिका के निर्माणाधीन भवन में नमाज पढ़ने का बृहस्पतिवार को वीडियो सार्वजनिक होने के बाद सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने एहतियातन दोनों समुदायों के लोगों के साथ बैठक की। इसी बीच, नगर पालिका ने भी नमाज पढ़ने के लिए दी गई मौखिक अनुमति वापस लेकर निर्माणाधीन भवन पर ताला लगा दिया।
ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) चंद्रशेखर वशिष्ठ ने मीडिया को बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद एहतियातन दोनों समुदायों के लोगों को बुलाकर बैठक की गई और उनसे शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। उन्होंने बताया कि पुलिस को माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कुछ हिंदूवादी संगठनों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से इस मुद्दे पर मुलाकात की और मामले की जांच की मांग की है। ज्योतिर्मठ की नगर पालिका क्षेत्र के मीट बाजार में बच्चों के लिए टेबल टेनिस का भवन बनाया जा रहा है। इस भवन में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के नमाज पढ़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से तनाव की आशंका बन गई।
नगर पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह ने मीडिया से कहा कि निर्माणाधीन भवन में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रोजे के लिए मौखिक रूप से नमाज पढ़ने की अनुमति ली थी। हालांकि, शाम को शाह की अध्यक्षता में हुई सभासदों की बैठक के बाद इस निर्माणाधीन भवन के कक्ष पर ताला लगा दिया गया। अपने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए प्रसिद्ध ज्योतिर्मठ में 2017 में भारी बारिश के चलते स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर गुरुद्वारे में नमाज अदा करने की अनुमति दी थी।