ISRO फिर रचने जा रहा है इतिहास, 'मिशन' मंगलयान 2 को भेजने की तैयारी शुरू

Edited By Updated: 10 Oct, 2019 11:07 AM

preparations begin to send mission mangalyaan 2

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, पर सितारों से आगे जाने के उसके इरादे मजबूत हैं। अब इसरो मंगलयान 2 (मार्स ऑर्बिटर मिशन 2, मॉम 2) भेजने की तैयारी कर रहा है...

नेशनल डेस्क: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग भले ही उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, पर सितारों से आगे जाने के उसके इरादे मजबूत हैं। अब इसरो मंगलयान 2 (मार्स ऑर्बिटर मिशन 2, मॉम 2) भेजने की तैयारी कर रहा है। इसरो ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी दी है कि 2022 या 2023 में वह भारत का सबसे बेहतरीन अंतरिक्ष मिशन दोबारा भेजेगा। 

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इस बार मंगलयान सिर्फ मंगल ग्रह का चक्कर ही नहीं लगाएगा, बल्कि लैंडर और रोवर मंगल की सतह पर उतर कर एक्सपेरिमेंट भी करेगा। वहां के सतह, वातावरण, रेडिएशन, तूफान, तापमान आदि का अध्ययन करेगा। इसरो ने पांच नवंबर, 2013 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी रॉकेट से मंगलयान को नौ महीने की यात्रा पर रवाना किया था। यह पृथ्वी के गुरुत्व क्षेत्र से एक दिसंबर, 2013 को बाहर निकल गया।

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मंगलयान लाल ग्रह का अध्ययन करने के लिए मिशन पर भेजा गया था, यह अभी काम कर रहा है और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को लगातार मंगल ग्रह की तस्वीरें तथा डेटा भेज रहा है। इसरो के अधिकारी के मुताबिक, मार्स ऑर्बिटर अब तक दो टेराबाइट की हजारों तस्वीरें भेज चुका है। 

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मंगलयान की सफलता इसलिए भी ऐतिहासिक थी क्योंकि भारत अपने पहले प्रयास में ही मंगल पर पहुंच जाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया था। मंगल पर पहुंचने वाले अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ जैसे देशों को कई प्रयासों के बाद ये सफलता मिली थी।

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