Edited By Tanuja,Updated: 07 Apr, 2026 03:32 PM

माइकल रुबिन ने अमेरिकी F-15 रेस्क्यू मिशन को बड़ी सफलता बताते हुए ईरान को “पेपर टाइगर” कहा। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई को ताकत का प्रदर्शन बताया और तुर्की कनेक्शन पर भी सवाल उठाए।
International Desk: अमेरिका के पूर्व पेंटागन अधिकारी माइकल रुबिन ने हाल ही में हुए एक बड़े सैन्य ऑपरेशन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के अंदर जाकर अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान के पायलट को बचाना अमेरिका की सैन्य ताकत का बड़ा उदाहरण है। यह ऑपरेशन तब हुआ जब ईरान ने 3 अप्रैल को एक अमेरिकी F-15 विमान को मार गिराया था। इसके बाद अमेरिका ने तुरंत रेस्क्यू मिशन शुरू किया। इस मिशन में कई विमान और स्पेशल फोर्स शामिल थे, जिन्होंने दुश्मन इलाके के अंदर जाकर पायलट को सुरक्षित निकाल लिया।
रुबिन ने कहा कि इस तरह का ऑपरेशन दुनिया की कोई दूसरी सेना नहीं कर सकती। उनके अनुसार, यह मिशन दिखाता है कि अमेरिकी सेना कितनी ताकतवर है, जबकि ईरान की सैन्य क्षमता “सिर्फ दिखावा” है। उन्होंने ईरान को “पेपर टाइगर” यानी कागजी शेर बताया।उन्होंने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन से यह साफ हो गया है कि अमेरिका दुश्मन के इलाके में भी सटीक और तेज कार्रवाई करने में सक्षम है। इसने पूरी दुनिया को अमेरिकी सैन्य शक्ति का संदेश दिया है।
रुबिन ने भारत को भी सलाह दी कि जैसे-जैसे भारत एक बड़ी ताकत बन रहा है, उसे अपनी सैन्य क्षमता बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में भारत को पाकिस्तान और चीन जैसे देशों से खतरे बढ़ सकते हैं, इसलिए केवल अंतरराष्ट्रीय कानून पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। सबसे बड़ा खुलासा यह रहा कि जिस मिसाइल से अमेरिकी विमान गिराया गया, वह संभवतः तुर्की द्वारा दी गई हो सकती है। अगर यह बात सही साबित होती है, तो नाटो के अंदर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है, क्योंकि तुर्की भी नाटो का सदस्य है।