Edited By Anu Malhotra,Updated: 17 Feb, 2026 09:38 AM

कुदरत का मिजाज एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। उत्तर और मध्य भारत के आसमान पर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने चिंता बढ़ा दी है। आने वाले कुछ घंटों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और सर्द हवाओं की वापसी की पूरी संभावना है।
नेशनल डेस्क: कड़ाके की ठंड की विदाई के बीच प्रकृति ने एक बार फिर करवट बदली है. उत्तर और मध्य भारत के आसमान पर बादलों का डेरा जमने लगा है और 17-18 फरवरी करोड़ों लोगों के लिए भारी पड़ सकते हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताजा चेतावनी के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) ने उत्तर भारत की दहलीज पर दस्तक दे दी है। इस मौसमी सिस्टम के कारण दिल्ली-NCR समेत उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे मैदानी राज्यों में 17 और 18 फरवरी अचानक मौसम बिगड़ने वाला है। पहाड़ों पर जहां बर्फबारी का दौर शुरू होगा, वहीं मैदानी इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं और गरज-चमक के साथ होने वाली बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में कोहरे का दोहरा वार देखने को मिलेगा. सुबह के समय घना कोहरा यातायात की रफ्तार थाम सकता है, जिसके लिए विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने और फॉग लाइट का उपयोग करने का परामर्श दिया है।
केवल उत्तर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बिजली गिरने और हल्की बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। यह मौसमी बदलाव केवल उत्तर तक सीमित नहीं रहेगा। 21-22 फरवरी के अंत तक दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु में भी भारी वर्षा के आसार बन रहे हैं।
यह बदलता मौसम किसानों के लिए चिंता की लकीरें लेकर आया है. पकने को तैयार फसलों पर तेज हवा और ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है, जिसे देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है। आम जनता के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं कि वे खराब मौसम के दौरान बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूरी बनाए रखें। अगले दो-तीन दिनों तक दिन में हल्की गर्माहट और रात में सिहरन भरा अहसास बना रहेगा, इसलिए सेहत और सुरक्षा दोनों पर ध्यान देना अनिवार्य है।