रेलवे का महिलाओं को बड़ा तोहफा... दिल्ली-लखनऊ समेत इन स्टेशनों पर मुफ्त में मिलेंगे सैनिटरी पैड

Edited By Updated: 23 Jun, 2026 07:59 PM

sanitary pads will be available for free at these stations including delhi and

भारतीय रेलवे ने ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं की सुविधा को लेकर एक अहम कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने महिलाओं को माहवारी (पीरियड्स) से जुड़ी जरूरी चीजें मुहैया करवाने का आदेश जारी किया है। उत्तर रेलवे ने दूरसंचार अवसंरचना क्षेत्र की अग्रणी कंपनी...

नेशनल डेस्क : भारतीय रेलवे ने ट्रेन में सफर करने वाली महिलाओं की सुविधा को लेकर एक अहम कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने महिलाओं को माहवारी (पीरियड्स) से जुड़ी जरूरी चीजें मुहैया करवाने का आदेश जारी किया है। उत्तर रेलवे ने दूरसंचार अवसंरचना क्षेत्र की अग्रणी कंपनी इंडस टावर्स के सहयोग से 175 रेलवे स्टेशनों पर 500 सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की हैं।

दिल्ली, लखनऊ, अंबाला, फिरोजपुर समेत कई स्टेशनों पर महिलाओं को 24 घंटे ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा। इंडस टावर्स के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रम ‘नारी सम्मान’ के अंतर्गत अब तक 3 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड वितरित किए जा चुके हैं।

सफर के दौरान महिलाओं की बड़ी समस्या का समाधान

रेल यात्रा के दौरान कई बार महिलाओं को अचानक सैनिटरी पैड की आवश्यकता पड़ जाती है, लेकिन स्टेशन पर पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। इंडस टावर्स ने अपने प्रमुख CSR कार्यक्रम ‘प्रगति’ के तहत इस परियोजना को लागू किया है, जिसका उद्देश्य मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराना है।

स्मार्ट तकनीक से लैस हैं मशीनें

स्थापित की गई वेंडिंग मशीनें इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) तकनीक से जुड़ी हुई हैं। इस तकनीक की मदद से मशीनों में पैड का स्टॉक कम होने पर कंट्रोल सेंटर को स्वतः सूचना मिल जाती है। इससे समय रहते मशीनों को फिर से भरने की व्यवस्था की जा सकती है और महिलाओं को किसी भी समय सुविधा उपलब्ध रहती है।

महिलाओं के अनुकूल सार्वजनिक स्थान बनाने की दिशा में कदम

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने कहा कि भारतीय रेलवे प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाता है, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं और कामकाजी महिलाएं शामिल हैं। ऐसे में उनकी सुविधा और सुरक्षा रेलवे की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इंडस टावर्स के साथ यह साझेदारी सार्वजनिक स्थानों को महिलाओं के लिए अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

2030 तक 15 करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य

इंडस टावर्स के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) तेजिंदर कालरा ने कहा कि रेलवे जैसे देश के सबसे व्यस्त सार्वजनिक नेटवर्क पर इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराना सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि कंपनी तकनीक आधारित समाधानों के माध्यम से वर्ष 2030 तक 15 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य लेकर काम कर रही है। यह परियोजना उसी व्यापक विजन का एक अहम हिस्सा है।

महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई यह पहल न केवल उनकी यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर जागरूकता और सम्मान को भी बढ़ावा देगी।

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