Edited By Mehak,Updated: 03 Jan, 2026 02:59 PM

हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी और श्रीराम के परम भक्त हैं। हालांकि कुछ परंपराओं में महिलाओं को मूर्ति के सीधा स्पर्श से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन शास्त्रों में हनुमान चालीसा पढ़ने पर कोई रोक नहीं है। महिलाएं पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ हनुमान चालीसा...
नेशनल डेस्क : माना जाता है कि हनुमान जी भगवान शिव के अंशावतार और श्रीराम के परम भक्त हैं। उन्हें शक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। वानर मुख वाले हनुमान जी ‘बजरंगबली’, ‘संकटमोचन’ और ‘पवनपुत्र’ के नामों से प्रसिद्ध हैं। हनुमान जी चिरंजीवी हैं और कलयुग में भी अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
हनुमान चालीसा का पाठ करने के अनगिनत फायदे हैं। इसमें मन और घर दोनों में सकारात्मक ऊर्जा आती है। लेकिन एक सवाल अक्सर उठता है कि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, तो क्या महिलाएं हनुमान चालीसा का पाठ कर सकती हैं? धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महिलाओं के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने पर कोई मनाही नहीं है। लड़कियां और महिलाएं पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ इसे पढ़ सकती हैं। भगवान हनुमान आत्मा से जुड़े हैं, न कि लिंग से। इसलिए पाठ में भक्ति और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
कुछ परंपराओं में महिलाओं को मूर्ति का सीधा स्पर्श या सिंदूर चढ़ाने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। लेकिन यह केवल मूर्ति तक सीमित है; हनुमान चालीसा के पाठ पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता। हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मन शांत रहता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आती है। महिलाएं इसे भक्ति और श्रद्धा के साथ पढ़कर अपने जीवन में सुख और शांति ला सकती हैं।