Silver Rate Down: चांदी की कीमतों में आ सकती है बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स ने बताया इतने हो जाएंगे रेट

Edited By Updated: 06 Jan, 2026 05:54 PM

silver faces a crisis after record gains fears of a 60 prrcent drop

इंटरनेशनल मार्केट में रिकॉर्ड हाई से फिसलने के बाद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। कुछ ही दिनों में प्रति आउंस भाव 11 डॉलर से ज्यादा टूट गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक मुनाफावसूली, सप्लाई चेन बदलाव और इंडस्ट्रियल सेक्टर में विकल्पों की...

नेशनल डेस्कः रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ ही दिनों के भीतर चांदी का भाव दो अंकों की गिरावट के साथ नीचे आ गया है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मुनाफावसूली और इंडस्ट्रियल डिमांड में संभावित कमजोरी के चलते चांदी पर आगे और दबाव बन सकता है। इंटरनेशनल मार्केट में सोमवार को चांदी का भाव 82.670 डॉलर प्रति आउंस के स्तर तक पहुंच गया था, लेकिन शुक्रवार तक यह गिरकर 71.300 डॉलर प्रति आउंस रह गया। इस तरह प्रति आउंस चांदी की कीमत में 11.37 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है, जो रिकॉर्ड हाई की तुलना में करीब 13.75 प्रतिशत कम है। चांदी बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में इसमें और दबाव देखने को मिल सकता है और कीमतें 60 प्रतिशत तक गिर सकती हैं।

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क्यों बढ़ा था चांदी का भाव

चांदी के लिए साल 2025 काफी शानदार रहा था। इस दौरान चांदी की कीमतों में करीब 180 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कीमतों में इस उछाल की एक बड़ी वजह सैमसंग की घोषणा को माना जा रहा है। कंपनी ने लिथियम-आयन बैटरी के विकल्प के रूप में सॉलिड स्टेट बैटरी पर काम करने की बात कही थी, जिसमें चांदी के इस्तेमाल की संभावना जताई गई थी।

इसके अलावा सप्लाई चेन से जुड़ी चिंताओं ने भी चांदी की कीमतों को समर्थन दिया। चीन ने 1 जनवरी 2026 से सिल्वर के एक्सपोर्ट पर कड़े नियम लागू कर दिए हैं, जिससे वहां की कंपनियों के लिए चांदी का निर्यात करना मुश्किल हो गया है। इस फैसले का असर वैश्विक बाजार में सप्लाई पर पड़ने की आशंका जताई गई थी। हालिया गिरावट के पीछे विशेषज्ञ मुनाफावसूली को भी एक अहम कारण मान रहे हैं। लंबे समय से चांदी होल्ड करने वाले निवेशक अब ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक कर रहे हैं।

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एक्सपर्ट्स की राय

चांदी बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थीं, लेकिन यह एक तरह से चेतावनी देने वाली स्थिति थी। अब इंडस्ट्री धीरे-धीरे चांदी के विकल्प तलाशने लगी है। फोटोवोल्टेक सेल और सोलर पैनल सेक्टर पहले ही कॉपर जैसे विकल्पों की ओर बढ़ रहा है, जिससे चांदी की मांग पर असर पड़ सकता है।

फरवरी 2026 तक चांदी का भाव

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ओर से शॉर्ट कवरिंग होती है, तो फरवरी 2026 तक चांदी का भाव 100 डॉलर प्रति आउंस तक भी पहुंच सकता है। हालांकि, इसके बाद वित्त वर्ष 2027 में यह मेटल भारी दबाव में आ सकता है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 के अंत तक चांदी की कीमतों में करीब 60 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।

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