Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Mar, 2026 08:25 PM

रंगों के त्योहार होली के बीच जहां बाजारों में उत्सव का माहौल था, वहीं सर्राफा बाजार में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिली। भारी गिरावट के बाद कीमती धातुओं ने शानदार वापसी की और निवेशकों को चौंका दिया। खासतौर पर चांदी की कीमत में एक ही दिन में 11 हजार...
नेशनल डेस्क : रंगों के त्योहार होली के बीच जहां बाजारों में उत्सव का माहौल था, वहीं सर्राफा बाजार में भी जबरदस्त हलचल देखने को मिली। भारी गिरावट के बाद कीमती धातुओं ने शानदार वापसी की और निवेशकों को चौंका दिया। खासतौर पर चांदी की कीमत में एक ही दिन में 11 हजार रुपये से ज्यादा की तेजी ने बाजार का रुख बदल दिया।
चांदी ने गिरावट के बाद दिखाई ताकत
Multi Commodity Exchange (MCX) पर मई डिलीवरी वाली चांदी शाम तक 11,548 रुपये की छलांग लगाकर 2,76,966 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे एक दिन पहले चांदी में जोरदार बिकवाली हुई थी और इसका भाव 13,163 रुपये टूटकर 2,65,318 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ था। सोमवार को यह 2,78,481 रुपये के स्तर पर थी। ऐसे में बुधवार की तेजी को बाजार में मजबूत रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है।
सोना भी पीछे नहीं
सोने की कीमतों में भी दमदार उछाल दर्ज किया गया। अप्रैल डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर 2,723 रुपये चढ़कर 1,63,821 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान यह 1,64,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को भी छू गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव का असर दिखा। वैश्विक स्तर पर गिरावट के बाद सोने में दोबारा मजबूती आई, जिसका सीधा प्रभाव घरेलू कीमतों पर पड़ा।
क्या है तेजी की वजह?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता में ठहराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों- जैसे सोना और चांदी- की ओर रुख करते हैं।