Edited By Anu Malhotra,Updated: 23 Jan, 2026 10:44 AM

जम्मू-कश्मीर में मौसम की पहली बर्फबारी ने श्री माता वैष्णो देवी के दरबार को एक सफेद चादर से ढक दिया है। होली भवन सहित पूरे मंदिर परिसर में शांति और सुकून का नज़ारा देखने को मिला। पहली बर्फबारी के साथ ही कत्रा और त्रिकुटा पहाड़ियों में ठंडक बढ़ गई है...
कटरा: जम्मू-कश्मीर में मौसम की पहली बर्फबारी ने श्री माता वैष्णो देवी के दरबार को एक सफेद चादर से ढक दिया है। होली भवन सहित पूरे मंदिर परिसर में शांति और सुकून का नज़ारा देखने को मिला। पहली बर्फबारी के साथ ही कत्रा और त्रिकुटा पहाड़ियों में ठंडक बढ़ गई है और श्रद्धालुओं ने इस सुंदर नज़ारे का आनंद लिया। प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए हैं।
जम्मू क्षेत्र की ऊंची चोटियों में शुक्रवार को मध्यम से भारी बर्फबारी हुई, जिससे कई मुख्य सड़कों पर यातायात बाधित हो गया। इसमें जम्मू-स्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। हिल क्षेत्रों के स्कूल भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
त्रिकुटा पहाड़ियों पर वैष्णो देवी यात्रा भी रोक दी गई:
श्री माता वैष्णो देवी के मंदिर परिसर में इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई, जिससे प्रशासन ने यात्रा अस्थायी रूप से निलंबित कर दी। वहीं, जम्मू शहर और मैदानों में मध्यम बारिश हुई, जिसने दो महीने से चले आ रहे शुष्क मौसम का अंत किया।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी सही साबित हुई:
अधिकारियों के अनुसार, बर्फबारी की शुरुआत गुरुवार देर शाम को ऊंची चोटियों में हुई, जबकि मैदानों में रातभर बारिश की बौछारें जारी रहीं।
कितनी बर्फ गिरी:
रामबन, डोडा, किश्तवाड़, पूंछ, राजौरी, रीसी, उधमपुर और कठुआ जिलों की ऊपरी चोटियों में बर्फबारी जारी रही। बर्फ का संग्रह पांच इंच से लेकर एक फुट तक दर्ज किया गया। उच्च क्षेत्रों में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भी बर्फबारी हुई थी, और ताज़ी बारिश और बर्फबारी ने लोगों को राहत दी है।
सड़कों पर यातायात बंद:
जम्मू-स्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44), जो कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है, बर्फबारी के कारण दोनों दिशाओं में बंद कर दिया गया है। नेव्यूग टनल (बनिहाल-काजीगुंड मार्ग) और आसपास के हिस्सों में बर्फ जमने के कारण यातायात रोका गया। इसके अलावा मुगल रोड, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग, मुगल और सिंथन रोड भी बर्फ जमा होने के कारण बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि जब तक सड़कें पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं की जाती, यात्रा न करें।
सुरक्षा उपाय और स्कूल बंद:
राजौरी, पूंछ और कठुआ जिलों के सभी स्कूलों को बर्फबारी को देखते हुए बंद कर दिया गया। पुलिस ने प्रत्येक जिला मुख्यालय में हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।