Edited By Pardeep,Updated: 14 Aug, 2026 06:11 AM

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बृहस्पतिवार को भारत द्वारा अपने राजनीतिक नेतृत्व को चुनने के तरीके में "शांतिपूर्ण क्रांति" का आह्वान किया और कहा कि यदि देश को 2047 तक एक "सम्मानजनक राष्ट्र" बने रहना है, तो इसमें बड़े बदलाव की आवश्यकता है।
नेशनल डेस्कः सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बृहस्पतिवार को भारत द्वारा अपने राजनीतिक नेतृत्व को चुनने के तरीके में "शांतिपूर्ण क्रांति" का आह्वान किया और कहा कि यदि देश को 2047 तक एक "सम्मानजनक राष्ट्र" बने रहना है, तो इसमें बड़े बदलाव की आवश्यकता है।
स्वतंत्रता दिवस से पूर्व जारी एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने "भारत के दूसरे स्वतंत्रता आंदोलन" का भी आह्वान किया और नागरिकों से ऐसे "निःस्वार्थ, निडर, चरित्रवान और योग्य पुरुषों एवं महिलाओं" के नाम सुझाने का आग्रह किया जो देश के भविष्य को आकार देने में मदद कर सकें। उन्होंने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और उन्होंने अपना समय देश और उसके भविष्य के बारे में सोचने में बिताया।
वांगचुक ने थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका और बांग्लादेश का नाम लेते हुए कहा, "पचास साल पहले जो पड़ोसी देश हमसे पीछे थे या हमारे बराबर थे, वे अब हमसे कोसों आगे निकल गए हैं।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर हम प्रति व्यक्ति जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) की बात करें और यदि यही स्थिति जारी रही, तो 2047 में हम एक विकसित देश बनना तो दूर, वैश्विक बाजार में अपना चेहरा दिखाने के लायक भी नहीं रहेंगे।"