Edited By Rahul Rana,Updated: 10 Aug, 2026 02:22 PM

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को नई दिल्ली से दिए गए वर्चुअल संबोधन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
नई दिल्ली: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को नई दिल्ली से दिए गए वर्चुअल संबोधन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारत के बांग्लादेश में उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने सोमवार को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से अहम मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब शेख हसीना के भारत से दिए गए सार्वजनिक बयानों को लेकर ढाका और नई दिल्ली के बीच पहले से ही संवेदनशील स्थिति बनी हुई है।
शेख हसीना के बयान के बाद स्थिति
5 अगस्त को नई दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के एक निजी कार्यक्रम में शेख हसीना ने वर्चुअल माध्यम से पत्रकारों को संबोधित किया था। यह कार्यक्रम 2024 में उनके सत्ता से हटने के बाद हुए घटनाक्रम की दूसरी बरसी के मौके पर आयोजित किया गया था। हसीना ने अपने संबोधन में दिसंबर में बांग्लादेश लौटने के अपने इरादे की बात कही। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र बहाल करने और देश को सही दिशा में ले जाने के उद्देश्य से लौटना चाहती हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वापसी की स्थिति में उन्हें जेल या मौत की सजा का सामना करना पड़ सकता है।
भारत सरकार ने किया था स्पष्ट
भारत सरकार ने इससे पहले स्पष्ट किया था कि नई दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम किसी भारतीय सरकारी संस्था का कार्यक्रम नहीं था और भारत सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय ने इसे एक निजी आयोजन बताया था।
ढाका ने जताई कड़ी आपत्ति
शेख हसीना के संबोधन के बाद बांग्लादेश की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। ढाका ने भारत में हसीना को सार्वजनिक मंच मिलने पर आपत्ति जताई और इसे दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशों के लिए नुकसानदेह बताया। बांग्लादेश और भारत के बीच संबंध पहले ही 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने और उनके भारत आने के बाद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। हसीना के बयानों ने एक बार फिर इस संवेदनशील मुद्दे को केंद्र में ला दिया है।
‘बातचीत से निकल सकता है समाधान’
रविवार को ढाका स्थित इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर में बच्चों के लिए ‘चिल्ड्रन्स कॉर्नर’ का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने दोनों देशों के नेताओं के बीच सीधे संवाद के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब दो नेता आमने-सामने मिलते हैं और एक-दूसरे से बातचीत करते हैं, तो कई समस्याओं का समाधान निकल सकता है। त्रिवेदी ने भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच संबंधों को भी सकारात्मक बताया और भरोसा जताया कि समाधान जरूर निकलेगा।
विदेश मंत्री से भी हुई थी मुलाकात
पीएम तारिक रहमान के साथ बैठक से एक दिन पहले भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से भी मुलाकात की थी। लगातार दो दिनों में हुई इन उच्चस्तरीय बैठकों को दोनों देशों के बीच जारी राजनयिक संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन मुलाकातों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि शेख हसीना के भारत में रहने और उनके सार्वजनिक बयानों का मुद्दा दोनों देशों के बीच संबंधों में एक संवेदनशील विषय बना हुआ है।
2024 में भारत आई थीं शेख हसीना
5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलनों और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद छोड़ दिया था और भारत आ गई थीं। इसके बाद से वह भारत में हैं। 2026 में बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने हैं। ऐसे में नई दिल्ली और ढाका दोनों के सामने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर रखने की चुनौती है। व्यापार, सीमा प्रबंधन, सुरक्षा, क्षेत्रीय सहयोग और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई मुद्दों पर दोनों देशों के रिश्ते एक-दूसरे के लिए महत्वपूर्ण हैं।