Edited By Seema Sharma,Updated: 10 Feb, 2023 10:24 AM

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) LV-d2 ने शुक्रवार को यहां से उड़ान भरी तथा ईओएस-07 उपग्रह और दो अन्य उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित कर दिया।
नेशनल डेस्क: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) LV-d2 ने शुक्रवार को यहां से उड़ान भरी तथा ईओएस-07 उपग्रह और दो अन्य उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित कर दिया। अपनी दूसरी विकास उड़ान में LV-d2 ने पृथ्वी प्रेक्षण उपग्रह EOS-07 और दो अन्य उपग्रहों- अमेरिका के अंतारिस द्वारा निर्मित जानुस-1 और चेन्नई स्थित ‘स्पेस किड्ज इंडिया' के आजादीसैट-2 के साथ उड़ान भरी। यह इसरो का इस साल का पहला मिशन है।
इसरो ने बताया कि LV-d2 ने तीनों उपग्रहों को उनकी कक्षा में स्थापित कर दिया। साढ़े छह घंटे की उलटी गिनती के बाद 34 मीटर लंबे रॉकेट को यहां सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया। इसरो को छोटे उपग्रह प्रक्षेपण वाहन बाजार में सफलता हासिल करने के लिए इस प्रक्षेपण से काफी उम्मीदें हैं।
EOS-07 को इसरो द्वारा डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया है। नए प्रयोगों में एमएम-वेव ह्यूमिडिटी साउंडर और स्पेक्ट्रम मॉनिटरिंग पेलोड शामिल हैं। जानुस -1 अतंरिक्ष अमेरिका से संबंधित है और Azadi AT-2 स्पेस किड्ज़ इंडिया, चेन्नई में देशभर की लगभग 750 छात्राओं का संयुक्त प्रयास है। पिछले साल अगस्त में पहला SSLV मिशन असफल साबित हुआ और कंपन गड़बड़ी के कारण उपग्रहों को सही कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका।