Edited By Rohini Oberoi,Updated: 09 Jun, 2026 12:25 PM
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की सुगबुगाहट के साथ ही देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सैलरी और पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर उत्सुकता चरम पर है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इसकी विस्तृत सिफारिशों या इसे...
8th Pay Commission Arrears : 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की सुगबुगाहट के साथ ही देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सैलरी और पेंशन में होने वाली बढ़ोतरी को लेकर उत्सुकता चरम पर है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इसकी विस्तृत सिफारिशों या इसे लागू करने की समय-सीमा की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन सोशल मीडिया पर एरियर (Arrears) को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं।
इन दावों में एरियर की राशि 5 लाख रुपये से लेकर 14 लाख रुपये तक होने की बात कही जा रही है। आइए बिना किसी उलझन के बेहद आसान शब्दों में समझते हैं कि इन दावों के पीछे का असली गणित, एरियर की टाइमलाइन और फिटमेंट फैक्टर की हकीकत क्या है। केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक आमतौर पर हर 10 साल में एक नए केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जाती हैं। पिछला यानी 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था। इस हिसाब से कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा।
15 महीने का एरियर कैसे?
सरकार ने अभी तक इस प्रभावी तारीख (Effective Date) की पुष्टि नहीं की है लेकिन अगर नए वेतन ढांचे को जनवरी 2026 से ही बैकडेट (भूतलक्षी प्रभाव) से लागू माना जाता है और नए ऊंचे वेतन का वास्तविक भुगतान अप्रैल 2027 से शुरू होता है तो कर्मचारी लगभग 15 महीनों के बकाया एरियर के हकदार हो सकते हैं।
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कर्मचारियों को मिलने वाला अंतिम एरियर और बेसिक सैलरी पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि केंद्र सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है। पहले जहां 1.92 या 2.51 के मल्टीप्लायर (गुणांक) पर चर्चा हो रही थी वहीं अब कर्मचारी यूनियनें सरकार पर 3.68 का फिटमेंट फैक्टर मंजूर करने के लिए लगातार दबाव बना रही हैं। इस फिटमेंट फैक्टर की मंजूरी मिलने पर ही सैलरी में बंपर उछाल देखने को मिलेगा।
कैसे करीब ₹5 लाख पहुंच सकता है एरियर?
यदि सरकार यूनियनों की मांग के अनुसार 3.68 का फिटमेंट फैक्टर मान लेती है तो सबसे निचले वेतन स्तर (Lowest Pay Level) के कर्मचारियों की सैलरी का हिसाब इस तरह होगा:
मौजूदा बेसिक सैलरी: 18,000
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3.68 फिटमेंट फैक्टर के बाद नई बेसिक सैलरी: सीधे ₹66,240 हो जाएगी।
मासिक अंतर: इस बदलाव से हर महीने के मूल वेतन में ₹48,240 का बड़ा अंतर आएगा।
एरियर का हिसाब: अगर इसमें महंगाई भत्ते (DA) को शामिल न भी किया जाए, तो केवल 10 महीनों का एरियर ही लगभग ₹4.82 लाख बन जाता है जो सोशल मीडिया पर वायरल 5 लाख रुपये के आंकड़े के बेहद करीब है।
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उच्च स्तर के अधिकारियों की मौज
दूसरी ओर सरकारी तंत्र में सबसे उच्चतम वेतन स्तर पर मौजूद कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) जैसे शीर्ष अधिकारियों का गणित बिल्कुल अलग है:
मौजूदा बेसिक सैलरी: ₹2.5 लाख

3.68 फिटमेंट फैक्टर के बाद नई बेसिक सैलरी: सीधे ₹9.2 लाख हो जाएगी।
मासिक अंतर: इस बढ़ोतरी से उनके मासिक वेतन में ₹6.7 लाख का भारी अंतर आएगा।
एरियर का हिसाब
ऐसी स्थिति में यदि नई सैलरी के भुगतान में महज 2 महीने से थोड़े से अधिक समय की भी देरी (बैकडेट लागू होने के बाद) होती है तो उनका बकाया एरियर आसानी से 14 लाख रुपये के पार निकल जाएगा।