Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Jan, 2026 11:56 AM

ताजनगरी आगरा में अंधविश्वास की आड़ में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक दाई और तांत्रिक ने मिलकर न केवल एक परिवार की आस्था का फायदा उठाया, बल्कि 'जिन्न' के खौफ का मायाजाल बुनकर एक नाबालिग लड़की की अस्मत और परिवार की जमा-पूंजी पर डाका...
नेशनल डेस्क: ताजनगरी आगरा में अंधविश्वास की आड़ में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां एक दाई और तांत्रिक ने मिलकर न केवल एक परिवार की आस्था का फायदा उठाया, बल्कि 'जिन्न' के खौफ का मायाजाल बुनकर एक नाबालिग लड़की की अस्मत और परिवार की जमा-पूंजी पर डाका डाला। तांत्रिक और उसके सहयोगियों ने मिलकर परिवार को दो दिनों तक नर्क जैसी यातनाएं दीं।
साजिश की शुरुआत: दाई ने बोया डर का बीज
इस काले खेल की शुरुआत एक दाई के जरिए हुई, जिसने एक मासूम बच्ची के परिजनों के मन में यह जहर घोला कि उसके पेट में 'जिन्न का बच्चा' पल रहा है। दाई ने दावा किया कि इस 'आसमानी आफत' का समाधान केवल अमरपुरा स्थित भैरों मंदिर का संतोषी उर्फ 'भैरों बाबा' ही कर सकता है। बदहवास परिजन बिना किसी डॉक्टरी सलाह के अपनी 16 वर्षीय बेटी, बेटे और भतीजे को लेकर कथित बाबा की शरण में पहुंच गए।
भैरों मंदिर में बंधक बनाकर 'हॉरर' ड्रामा
मंदिर पहुंचते ही तांत्रिक, उसकी पत्नी और एक पड़ोसी महिला ने मिलकर डर का स्तर और बढ़ा दिया। उन्होंने लड़की को 6 महीने की गर्भवती बताकर उसकी जान खतरे में होने की बात कही।
अश्लीलता और ब्लैकमेलिंग:
तांत्रिक ने अनुष्ठान के बहाने किशोरी को कमरे में ले जाकर उसके साथ घिनौनी हरकतें कीं। विरोध करने पर पूरे गांव में नग्न वीडियो वायरल करने और सामाजिक रूप से बदनाम करने की धमकी दी गई। बदनामी के इसी खौफ का फायदा उठाकर आरोपियों ने पीड़ित पिता से 3 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली। परिवार को दो दिनों तक मंदिर परिसर में ही डरा-धमका कर रोके रखा गया।
धमकी और कानूनी कार्रवाई
जब पीड़ित परिवार ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। अंततः हिम्मत जुटाकर पीड़ित पक्ष ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।
अब तक की कार्रवाई:
-पुलिस ने मुख्य आरोपी संतोषी (भैरों बाबा), उसकी पत्नी और उनकी पड़ोसी महिला के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कर ली है।
-मामले में जबरन वसूली, बंधक बनाना और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।
-आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।