Edited By Ramanjot,Updated: 22 Jan, 2026 07:54 PM

बिहार सरकार ने राज्य में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। सुरक्षा एजेंसियों के नए थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणी बदली गई है।
नेशनल डेस्क: बिहार सरकार ने राज्य में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करते हुए बड़ा बदलाव किया है। सुरक्षा एजेंसियों के नए थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर कई नेताओं की सुरक्षा श्रेणी बदली गई है। इस कड़ी में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जबकि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सुरक्षा Z से घटाकर Y श्रेणी कर दी गई है।
इन नेताओं को मिली Z कैटेगरी सुरक्षा
सरकारी आदेश के अनुसार, BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, केंद्रीय मंत्री व JDU सांसद ललन सिंह, और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को भी अब Z श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा इनपुट और जोखिम आकलन पर आधारित है।
विपक्षी नेताओं की सुरक्षा क्यों हटाई गई?
सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष के कुछ नेताओं की सुरक्षा पूरी तरह वापस ले ली गई है। इनमें बिहार कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व MLC मदन मोहन झा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार, और RJD के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी शामिल हैं। एजेंसियों की रिपोर्ट में इन नेताओं के लिए किसी तत्काल खतरे की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सुरक्षा में कटौती को राजनीतिक द्वेष से जोड़ते हुए सवाल खड़े किए हैं।
राजनीति में बढ़ी गर्माहट
VIP सुरक्षा में यह बदलाव बिहार की राजनीति में नए सियासी संकेत दे रहा है। जहां NDA इसे प्रशासनिक और सुरक्षा आधारित फैसला बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे चयनात्मक कार्रवाई करार दे रहा है।