Edited By Ramkesh,Updated: 18 Oct, 2026 08:00 PM

मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शनिवार को कहा कि जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य के लिए शांति ही देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का एकमात्र रास्ता है। मुख्यमंत्री ने यह बयान ऐसे दिन दिया जब कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों की...
इंफाल: मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शनिवार को कहा कि जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य के लिए शांति ही देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का एकमात्र रास्ता है। मुख्यमंत्री ने यह बयान ऐसे दिन दिया जब कामजोंग जिले में संदिग्ध उग्रवादियों की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने यहां 'जन सेवक महाकुंभ' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मणिपुर के विकास के बिना भारत को विकसित देश नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा, ''शांति ही राज्य के लिए देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने का एकमात्र रास्ता है।'' इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती समुदाय और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच मई 2023 में जातीय हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। हाल के महीनों में कुकी और नगा समुदायों के बीच भी झड़पों की खबरें सामने आई हैं।
राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा कि मणिपुर में शांति बहाल करने के लिए सभी समुदायों के बीच आपसी विश्वास और समझ जरूरी है। मुख्यमंत्री ने 'जन सेवक महाकुंभ' को संबोधित करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मणिपुर के सभी जिलों में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया गया। सिंह ने कहा, ''एक महीने तक चले इस सफल अभियान में राज्य भर में 6,122 स्थानों पर चार लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया।'' मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुरी भाषा राज्य के सभी समुदायों के बीच संवाद का माध्यम है।
उन्होंने इस भाषा को संजोकर रखने और लोगों के बीच इसके अधिक से अधिक इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 'विकसित भारत 2047' का लक्ष्य देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक एक मजबूत भारत का निर्माण करना है। सिंह ने जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अद्यतन करने की लोगों की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को मणिपुर के लोगों की चिंताओं से अवगत करा दिया गया है और उसने राज्य में जनगणना की प्रक्रिया स्थगित कर दी है।