भारत में अभी तेल का संकट नहीं, अगर मुसीबत आई भी तो साथ खड़ा है पुराना दोस्त, दिया भरोसा!

Edited By Updated: 04 Mar, 2026 12:09 AM

this country is ready to meet india s energy needs

पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है।

इंटरनेशनल डेस्कः पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारत में स्थित Embassy of Russia in India के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि अगर लंबे समय तक तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होती है, तो रूस भारत की ऊर्जा जरूरतें पूरी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

“ऊर्जा आपूर्ति में रुकावट रही तो हम तैयार हैं” – रूसी अधिकारी

रूसी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान जारी रहता है, तो हम भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हैं।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में हमलों के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है।

कतर में एलएनजी उत्पादन निलंबित

तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरानी ड्रोन हमलों में कतर की महत्वपूर्ण औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, रास लाफन इंडस्ट्रियल सिटी और मेसाइद इंडस्ट्रियल सिटी की अहम अवसंरचना पर हमला हुआ।

इसके बाद कतर की सरकारी ऊर्जा कंपनी QatarEnergy ने सोमवार को तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) और उससे जुड़े उत्पादों का उत्पादन अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। कतर दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी निर्यातकों में से एक है, और भारत उसकी गैस का बड़ा आयातक है। ऐसे में यह कदम भारत सहित कई देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

होर्मूज जलडमरूमध्य बंद, बढ़ी वैश्विक चिंता

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं तब और गहरा गईं जब ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग होर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने की घोषणा की। यह जलडमरूमध्य दुनिया में तेल और गैस के बड़े हिस्से की सप्लाई का मुख्य रास्ता है। इसके बंद होने से कच्चे तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है रूस का आश्वासन?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है। पश्चिम एशिया में किसी भी बड़े संकट का सीधा असर भारत की तेल और गैस सप्लाई पर पड़ सकता है। ऐसे में रूस का यह आश्वासन भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर खाड़ी क्षेत्र से सप्लाई बाधित होती है, तो रूस वैकल्पिक स्रोत के रूप में भारत को कच्चा तेल और गैस उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकता है। मौजूदा हालात में वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सबकी नजर बनी हुई है और आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि क्षेत्र में तनाव कब और कैसे कम होता है।

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