Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 Nov, 2026 11:02 AM

बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश होने के आसार हैं। चक्रवात 'अर्नब' के गुजरने के कुछ ही दिनों बाद, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक नया 'लो-प्रेशर एरिया' (कम दबाव का...
नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश होने के आसार हैं। चक्रवात 'अर्नब' के गुजरने के कुछ ही दिनों बाद, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर एक नया 'लो-प्रेशर एरिया' (कम दबाव का क्षेत्र) तेजी से विकसित हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, रविवार रात तक यह सिस्टम एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। मंगलवार सुबह तक इसके दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट (नेल्लोर और नरसपुर के बीच) से टकराने की संभावना है, उस समय हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है।
बन रहा यह तूफान नमी को अपनी ओर खींच रहा है, जिससे पश्चिमी और मध्य भारत के मौसम में अचानक बदलाव आ रहे हैं। मौसम विभाग ने विदर्भ के छह जिलों में रविवार, 1 नवंबर के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जहां गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इस अलर्ट में नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गढ़चिरौली और यवतमाल जिले शामिल हैं। यहां रहने वाले लोगों को अचानक तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है। स्थानीय अधिकारियों और मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान के दौरान खुले मैदानों में न जाएं, और ऊंचे पेड़ों या टीन-शेड जैसी अस्थायी संरचनाओं से दूर रहें।
मुंबई, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र में बारिश के आसार
मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। पिछले कुछ दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश हुई है, और मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले चार-पांच दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। ठाणे, पालघर और तटीय कोंकण के कुछ हिस्सों में भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। स्वतंत्र मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 2 और 3 नवंबर के आसपास बारिश सबसे तेज हो सकती है, जिसके बाद 4 नवंबर से इसमें कमी आने लगेगी।
बारिश केवल तटीय इलाकों तक ही सीमित नहीं रहेगी। पुणे, नासिक, अहिल्यानगर, सतारा, कोल्हापुर, सांगली, लातूर, धाराशिव और सिंधुदुर्ग में भी बारिश होने की उम्मीद है, खासकर घाट (पहाड़ी) क्षेत्रों के आसपास।
लगातार छाए बादलों की वजह से कोंकण और विदर्भ के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान पहले ही कम हो गया है। वहीं, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा के अंदरूनी इलाकों में तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने के कारण वहां थोड़ी गर्मी बनी हुई है। IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य भर में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री और रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश के इस दौर के बावजूद, IMD का कहना है कि नवंबर महीने में पूरे देश में होने वाली कुल बारिश, मासिक औसत से कम रहने की संभावना है।
फिलहाल, अलर्ट वाले इलाकों में किसानों, यात्रियों और दिहाड़ी मजदूरों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन पर लगातार नज़र रखें। महाराष्ट्र में बारिश कितनी होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अगले 48 घंटों में बंगाल की खाड़ी का मौसमी सिस्टम किस दिशा में आगे बढ़ता है।